Startup कंपनियों से निवेशकों ने बनाई दूरी, चार साल के निचले स्तर पर पहुंचा निवेश

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Startup: 2023 की पहली छमाही में स्टार्टअप को 3.8 अरब डालर का निवेश मिल सका है। जो कि 2022 की दूसरी तिमाही में मिले निवेश से 36 प्रतिशत कम है। बेंगलुरु दिल्ली एनसीआर और मुंबई देश के प्रमुख स्टार्टटप शहर हैं। स्टार्टअप की कुल फंडिंग का 83 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं शहरों में किए जाने वाले स्टार्टअप्स में आ रहा है।

वर्ष, 2023 की पहली छमाही में स्टार्टअप कंपनी में पिछले चार सालों के दौरान सबसे कम निवेश हुआ है। इस दौरान स्टार्टटप कंपनियों को सिर्फ 3.8 अरब डॉलर का फंड मिल सका है। जो कि पिछले साल की दूसरी तिमाही में मिले 5.9 अरब डालर निवेश से 36 प्रतिशत तक कम है। बता दें कि निवेशक स्टार्टअप में रुपया लगाने से पहले हर तरीके से जांच में समय ले रहे हैं। जिसके चलते निवेश में भारी गिरावट आई है।

प्राइस वाटरहाउस कूपर (पीडब्ल्यूसी) की एक रिपोर्ट के मुताबिक वाल्यूम के लिहाज से देखें तो इसकी पहली छमाही में शुरुआती चरण में जिस प्रकार का सौदा हुआ वह कुल फंडिंग का 57 फीसद थे। मूल्य के मुताबिक बात करें तो प्रारंभिक चरण के सौदों में कुल फंडिंग में 16 फीसद का योगदान दिया गया था। लेकिन यह आंकड़ा पिछले दो सालों की तुलना में सबसे कम था। रिपोर्ट के अनुसार पिछली कुछ तिमाहियों के दौरान चुनौतीपूर्ण फंडिंग बाजार स्थितियों के बाद निवेशकों ने सकारात्मक वृद्धि दिखाने वाली कंपनियों में निवेश को दोगुना करके पोर्टफोलियो कंपनियों के प्रति मजबूत समर्थन दिखाया।

इन शहरों से आए सबसे अधिक स्टार्टअप

रिपोर्ट के अनुसार एनसीआर, बेंगलुरु और मुंबई भारत के प्रमुख स्टार्टटप शहर हैं। ये सभी शहर स्टार्टअप फंडिंग 83 प्रतिशत डील करते हैं। रिपोर्ट में कहा है कि 2023 की पहली छमाही में चेन्नई को छोड़ सभी शहरों में फंडिंग गतिविधि में गिरावट आई है। पीडब्ल्यूसी में पार्टनर अमित नावका ने बताया कि उद्यम पूंजीपतियों (वीसी) के पास पैसे की कमी नहीं है। लेकिन इसके बावजूद स्टार्टअप फंडिंग में कुछ मंदी दिखाई दी है। भारत में सक्रिय वीसी फर्मों ने पिछले समय में नए फंड हासिल किए हैं। हम अगले कुछ माह में निवेश की गति बढ़ने की उम्मीद भी कर सकते हैं।

इन सेक्टरों में सबसे अधिक निवेश

सेक्टर आधार पर बात करें तो सबसे अधिक निवेश SaaS, D2C, ई-कॉमर्स, फिनटेक, बी2बी और ऑटो टेक कंपनियों में हुआ है। ये सभी सेक्टर निवेशकों की पसंद बने हैं। वर्ष 2023 की छिमाही में कुल फंडिंग में 89 प्रतिशत इन्हीं सेक्टरों में आया है।

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