पूर्णकालिक बजट हो या फिर अल्पकालिक यानि अंतरिम बजट, हर बजट से देश के आम इंसान से लेकर छोटे बड़े कारोबारियों, बड़े बड़े उद्योगपतियों, स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं, यानि सबकी निगाहें देश के वित्तमंत्री की तरफ लगी होती हैं कि आने वाले बजट में वो हमारे लिए क्या घोषणाएं कर सकती हैं। दूसरी तरफ सरकार की भी निगाहें लोगों पर होती हैं, उनकी अपेक्षाओं पर होती है, उनकी प्राथमिकताओं पर होती हैं और इन सब बातों के निचोड़ को ही बजट कहा जाता है. आने वाली 1 फरवरी को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट पेश करेंगी, क्योंकि मार्च-अप्रैल में लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं.
देश का ऑटोमोबाइल सेक्टर पिछले साल बूम पर रहा, नए साल में नए नए इनोवेशन के साथ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज अपने नए प्रोडक्ट ला सकती है. इन कंपनियों का ग्रीन मोबिलिटी पर खास फोकस है और ऑटोमोबाइल कम्पनियाँ सरकार से भी यही चाहती हैं कि उसका फोकस भी ग्रीन मोबिलिटी पर रहे और उसी के अनुकूल नीतियों को जारी रखे। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक गाड़ियां से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी सरकार को फोकस करने की जरूरत है। ऑटोमोबाइल कंपनियों को उम्मीद है कि सरकार FAME स्कीम को आगे बढ़ाएगी। कंपनियों को उम्मीद है कि बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं पर Capital expenditure जारी रहेगा, जिससे ऑटोमोटिव क्षेत्र को मदद मिलेगी। इलेक्ट्रिक गाड़ियों यानि ग्रीन मोबिलिटी के लिए policy incentives पर सरकार का ख़ास फोकस बना रहना चाहिए जिससे इलेक्ट्रिक गाड़ियों को तेजी से अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जा सके।
लग्जरी गाड़ियों पर फिलहाल 28 प्रतिशत का GST लगता है जो सबसे ऊंची कैटेगरी में है। इसके अलावा सेडान पर 20 प्रतिशत और SUV पर 22 प्रतिशत का additional cess होता है जिससे कुल कर GST 50 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर इसमें सरकार से कुछ राहत की उम्मीद कर रहा है। ऑटोमोबाइल कंपनियों को उम्मीद है कि सरकार परिवहन क्षेत्र को एक ऐसे ग्रीन फ्यूचर में शिफ्ट करने की दिशा में अपना प्रयास जारी रखेगी जो fossil fuel पर कम निर्भर हो। कंपनियों का कहना है कि केंद्रीय बजट 2024 में लगातार FAME समर्थन के माध्यम से ऑटोमोबाइल सेक्टर को प्राथमिकता देने और सभी के लिए environmental welfare का सरकार से आह्वान करते हैं। मौजूदा समय में FAME India Scheme का फेज- II 1 अप्रैल, 2019 से पांच साल की अवधि के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कुल budgetary support के साथ लागू किया जा रहा है जो 31 मार्च, 2024 को खत्म होने वाला है।

