मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में पूरा यादव कुनबा एकजुट हो गया है, चाचा शिवपाल द्वारा कल किया गया भावुक ट्वीट सपाइयों विशेषकर यादव फॅमिली को एकजुट करने में बड़ा मददगार साबित हो रहा है. सपा मुखिया अपनी धर्मपत्नी और पार्टी उम्मीदवार डिंपल की जीत को यकीनी बनाने के लिए युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं. अखिलेश ने आज चुनाव प्रचार की शुरुआत करहल से की. यहाँ पर उन्होंने सबसे पहले चौधरी नत्थू सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्ही के नाम से बने इंटर कॉलेज में आयोजित सेक्टर और बूथ प्रभारियों की बैठक को सम्बोधित किया।
अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को भाजपा से किया खबरदार
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को खबरदार करते हुए कहा कि भाजपा कभी भी कुछ भी कर सकती है और यह बात उनके नेताओं के बयानों से साफ जाहिर हो रही है। अखिलेश ने साथ ही मैनपुरी की जनता पर विशवास जताते हुए कहा कि वो समाजवादी पार्टी को कभी हारने नहीं देगी। अखिलेश ने कहा कि मैनपुरी से नेताजी का रिश्ता कई दशकों का रहा है। यहाँ के लोगों ने ही उन्हें नेताजी बनाया है। अब वो हमारे बीच नहीं हैं इसलिए अब हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि जो संघर्ष नेताजी ने जमीन पर रहकर यहाँ के लोगों के लिए किया उसे और मजबूत बनाकर वोट के ज़रिये समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी डिम्पल यादव को ऐतिहासिक जीत दिलायें।
रघुराज शाक्य को उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने पहले ही मान ली हार
अखिलेश ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक लड़ाई अभी अधूरी है। नेताजी ने जहाँ इस लड़ाई को छोड़ा उसे यहां से आगे ले जाना है। प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने भी इस मौके पर कहा कि जो लोग मैनपुरी को लेकर उलटे सीधे अनुमान लगा रहे हैं वो अच्छी तरह जान लें कि मैनपुरी समाजवादी पार्टी की स्थापना से ही यहाँ के लोगों ने उसे अपना प्यार और आशीर्वाद दिया है. मैनपुरी हमेशा से समाजवादियों के साथ रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने रघुराज शाक्य पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा ने इसबार सबसे कमज़ोर प्रत्याशी मैदान में उतारा है, ऐसा लगता है कि भाजपा ने अपनी हार पहले ही स्वीकार कर ली है.

