पश्चिम यूपी की मुस्लिम राजनीति में बड़ा परिवर्तन, सपा छोड़ इमरान मसूद BSP में शामिल

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मेरठ। वेस्ट यूपी के कदावर मुस्लिम नेता नेता ने समाजवादी पार्टी को छोड़कर बीएसपी में शामिल हो गए हैं। इमरान मसूद के इस फैसले को मुस्लिम राजनीति में बड़े परिवर्तन के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव का पद ठुकराकर विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले इमरान मसूद को कुछ खास तवज्जो नहीं मिली थी। आज उन्होंने लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती के सामने पार्टी में शामिल हो गए। निकाय चुनाव से पहले उनके पाला बदलने से जहाँ सहारनपुर की राजनीति प्रभावित होने की बात की जा रही है वहीं वेस्ट में भी मुस्लिमों के बीच बसपा की पैठ बनेगी।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले इमरान मसूद ने कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव तथा दिल्ली राज्य प्रभारी का पद छोड़कर सपा की साईकल पर सवार हुए थे। उन्‍हें उम्‍मीद थी कि प्रदेश में सपा की सरकार बनेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इमरान मसूद को सपा ने जिले की किसी विधानसभा सीट से टिकट नहीं दिया तक। यहां तक कि उनके करीबियों को भी सपा ने टिकट नहीं दिया था। इमरान जिद पर अड़े तो रागिब अंजुम को सपा जिलाध्यक्ष बनाकर उन्हें संतुष्ट करने का जरूर प्रयास किया। उप्र में समाजवादी पार्टी सत्ता तक नहीं पहुंच सकी। वहीं इमरान मसूद पार्टी में हाशिए पर ही पड़े रहे। अपनी इस उपेक्षा की तड़प कई बार उनके राजनीतिक बयानों में उभरती रही थी।

ऐसे हालात में अब उन्‍होंने बसपा का दामन थामना उचित समझा। इमरान मसूद कांग्रेस में जाने से पहले लगातार 10 साल तक सपा में ही थे। अब उन्होंने सपा को फिर से अलविदा कह दिया। वह पूर्व विधायक हैं। सहारनपुर नगर पालिका के चेयरमैन रह चुके हैं। 2007 विधानसभा चुनाव में मुज्ज़फराबाद से निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ते हुए तत्कालीन कैबिनेट मंत्री जगदीश राणा को हराकर विधायक बने थे। इमरान मसूद उसके बाद कोई चुनाव नहीं जीत पाए।

विधानसभा व लोकसभा चुनावों में मिली हार 2012 विधानसभा चुनाव से पहले इमरान मसूद सपा से कांग्रेस में शामिल हो गए और नकुड सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में डॉक्टर धर्म सिंह सैनी के खिलाफ चुनाव लड़ा। इस चुनाव में इमरान को हार मिली। इमरान ने साल 2014 में लोकसभा का चुनाव लड़ा था। लेकिन भाजपा के राघव लखन पाल को वो हरा नहीं पाए। 2017 में सपा और कांग्रेस का गठबंधन होने के बावजूद इमरान मसूद नकुड विधानसभा क्षेत्र से धर्म सिंह सैनी से नजदीकी मुकाबले में हार गए। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा, रालोद और बसपा का गठबंधन था। समीकरणों के हिसाब से मुस्लिमो में गठबंधन की लहर थी। लेकिन इसमें इमरान को हार का सामना करना पड़ा। अब इमरान बसपा में जाकर राजनीतिक पारी खेलेंगे। इससे निकाय चुनाव को लेकर राजनीति के प्रभावित होने के कयास लगाए जाने लगे हैं।

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