कांग्रेस अध्यक्ष की कमान अब पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे के हाथ में पहुँच गयी है. अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में उन्होंने एक बड़े अंतर से शशि थरूर को हराया। मल्लिकार्जुन खरगे को गाँधी फैमिली का उम्मीदवार बताया जा रहा है, इस बात में कितना दम है यह आज राहुल गाँधी के मुंह से अनायास निकली उस बात से हुआ जिसमें उन्होंने खरगे को अध्यक्ष मान लिया था. दरअसल पार्टी में राहुल गाँधी की भविष्य में क्या भूमिका होगी इस सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि यह सोनिया जी या खरगे जी तय करेंगे,हालाँकि राहुल को तुरंत ही अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने अपने बात में सुधार किया।
राहुल के मुंह से निकली इस बात पर अब लोग सवाल कर रहे हैं कि राहुल गाँधी को पहले से ही मल्लिकार्जुन खरगे की जीत के बारे में मालूम था. दरअसल राहुल आज जब आंध्र प्रदेश में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे तब मतगणना का काम जारी था. राहुल से पत्रकारों ने पार्टी में उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर सवाल किया था जिसपर उनका जवाब था कि कांग्रेस पार्टी में सारे फैसले पार्टी अध्यक्ष करता है पार्टी अध्यक्ष ही लोगों की भूमिका तय करता है, इस बारे में आप सोनिया जी या खरगे जी से पूछिए। इस बात पर राहुल को जल्द ही अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने बात को संभालते हुए कहा कि मेरा मतलब है जो भी चुनाव जीतेगा वो फैसले करेगा.
राहुल गांधी की इस बात के जो भी सियासी मायने लगाए जांय वो एक अलग बात होगी लेकिन खरगे की जीत के बारे में सभी कांग्रेसी आश्वस्त थे यहाँ तक कि शशि थरूर भी जानते थे कि जीत खरगे की ही होगी। अब सवाल राहुल के मुंह से खरगे का नाम निकलने का है तो उनके पास सुबह से ही मतगणना के एक एक पल की रिपोर्ट पहुँच रही होगी। कर्ज की जीत का मार्जिन सुबह से लगातार बढ़ रहा था, ऐसे में राहुल गाँधी भी जानते होंगे कि खरगे की जीत निश्चित है और उनके मुंह से अचानक ही खरगे को अध्यक्ष मानने की बात निकली होगी। बहरहाल यह सियासत है यहाँ हर बात को लोग पकड़ते हैं और अगर बात राहुल गाँधी के मुंह से निकले तो फिर उसका पकड़ना और भी ज़रूरी हो जाता है क्योंकि वो एक ब्रेकिंग खबर का दर्जा रखती है.

