डायबिटीज सबसे जानलेवा बीमारियों में से एक है। ज्यादातर लोगों को तो ये भी नही पता होता की इसकी शुरुआत कैसे होती है जब ये शरीर को अन्दर से खोकला कर देता है तब पता लगता है
डायबिटीज का सबसे खतरनाक असर किडनी पर पड़ता है। इसकी वजह से अंतिम चरण की किडनी की बीमारी हो सकती है, यानी किडनी पूरी तरह से काम करना बंद कर सकती है। मुंबई के डॉ. एलएच हीरानंदानी अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रकाश चंद्र शेट्टी ने कुछ उपाय बताए हैं, जो किडनी को मधुमेह के घातक प्रभावों से दूर रखने में मदद करते हैं।
डायबिटीज गुर्दे की बीमारी (DKD) क्या है? डॉक्टर ने कहा, जब ब्लड शुगर का उच्च स्तर लगातार किडनी की नसों को नुकसान पहुंचाता है, तो किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाती है। तब रक्त से अपशिष्ट पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते और गुर्दे में विषाक्त पदार्थ भर जाते हैं। इस बीमारी को डायबिटिक किडनी डिजीज कहा जाता है।
ब्लड शुगर नियंत्रण रखें
डीकेडी बीमारी से बचने के लिए सबसे जरूरी है ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करना। इसका उच्च स्तर किडनी को बहुत बुरी तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। इसे नियंत्रण में रखने के लिए डॉक्टर द्वारा दी गई दवा समय पर लें, ब्लड ग्लूकोज लेवल पर नजर रखें, संतुलित आहार लें और खाने में कार्ब्स पर नियंत्रण रखें।
ब्लड प्रेशर करें मैनेज
रक्तचाप की बीमारी से किडनी की क्षति बढ़ सकती है। यह तंत्रिकाओं को कमजोर करता है और अंग क्षति का कारण बनता है। बीपी को सामान्य रखने के लिए सोडियम यानी नमक कम खाएं, नियमित व्यायाम करें, तनाव को नियंत्रित करें, धूम्रपान-शराब से दूर रहें और समय पर दवा लें।
किडनी रक्षक
डॉक्टर ने बताया कि अपने डॉक्टर से बात करके उन दवाइयों के बारे में जानकारी लें जो डीकेडी बीमारी को बढ़ने से रोकती हैं। एसीई इनहिबिटर और एआरबी दवाएं न केवल बीपी को नियंत्रित करती हैं बल्कि किडनी की सुरक्षा में भी मदद करती हैं।
स्वस्थ जीवन शैली
किसी भी बीमारी से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली जरूरी है। जिसके लिए वजन पर नियंत्रण रखना, धूम्रपान-शराब छोड़ना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और संतुलित आहार लेना जरूरी है। आहार विशेषज्ञ की मदद से कम सोडियम, कोलेस्ट्रॉल और अस्वास्थ्यकर वसा रहित, फल-सब्जी, साबुत अनाज और कम वसा वाले प्रोटीन आहार के बारे में जानकारी प्राप्त करें।
नियमित चिकित्सा जांच
किडनी की सेहत जानने के लिए नियमित रूप से कुछ टेस्ट कराते रहें। रक्त और मूत्र परीक्षण के माध्यम से गुर्दे की बीमारी को जल्दी पकड़ा जा सकता है। किडनी को स्वस्थ रखने के लिए नेफ्रोलॉजिस्ट, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, डायटीशियन से मिलते रहें।

