- वैक्सीन की दोनों डोज न लेने वाले कर्मचारियों से काम नहीं करा सकेंगे व्यवसायिक संस्थान
भोपाल। कोरोना संक्रमण एक बार फिर से मध्य प्रदेश को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। भोपाल और इंदौर में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में इन दोनों शहरों में प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। भोपाल के डीएम अविनाश लवानिया ने बिना मास्क पहने दिखाई देने वाले व्यक्ति पर 100 की जगह 500 रुपये का जुर्माना वसूलने का आदेश दिया है। भोपाल में यदि किसी भी व्यवसायिक संस्थान में कोई कर्मचारी ऐसा मिला जिसने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज न लगवाई हों तो उस संस्थान पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वही अब कोरोना संक्रमित को होम आइसोलेशन में रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी बल्कि उन्हें काटजू हाॅस्पिटल में भर्ती कराकर उपचार कराया जाएगा। शादी व अन्य समारोहों को लेकर भी प्रतिबंध लगाये गये हैं।
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कोरोना संक्रमण को भोपाल में फैलने से रोकने के लिए सभी बस स्टैंड पर चलित सैंपलिंग टीम तैनात कर दी गई है जो यात्रियों की रैपिड कोरोना जांच करेगी। विदेश से आने वाले सभी यात्रियों के साथ अब घरेलू यात्रियों की भी जांच की जाएगी। हवाई सफर से भोपाल आने वालों को 48 घंटे पहले की आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाना आवश्यक होगा।
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वही इंदौर प्रशासन ने भी संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए सख्त कदम उठा लिए हैं। पिछले दो दिन में 27 शोरूम और दुकाने सील कर दी गई हैं जिनके कर्मचारियों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज नहीं ली हुई थी। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कुल मिले कोरोना संक्रमितों में से दो तिहाई संक्रमित भोपाल में ही मिले हैं। सरकार की ओर से लोगों को मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। लेकिन बाजारों में उमड़ी भारी भीड़ के कारण यह नियम धराशाई हो रहे हैं। जिनके कारण प्रशासन सख्त कदम उठाने को मजबूर हो गया है।

