भारत और पाकिस्तान के बीच 28 अगस्त को दुबई में खेले गए मैच का स्टेडियम के हज़ारों और टीवी के करोड़ों दर्शकों ने मज़ा उठाया मगर भारत और पाकिस्तान की टीमों को शायद उतना मज़ा नहीं आया क्योंकि इस मज़े को दुनिया में क्रिकेट को चलाने वाली संस्था ICC ने दोनों टीमों के लिए सजा में बदल दिया है और दोनों ही टीमों की मैच फीस का 40-40 प्रतिशत हिस्सा सजा के तौर पर काट लिया है. ICC ने दोनों को यह सजा मैच में धीमी ओवरगति के कारण दी है. बता दें की भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमें मैदान पर अपनी रणनीति की प्लानिंग में इतना व्यस्त रहीं कि उन्होंने ओवर रेट पर ध्यान ही नहीं, जिसका नतीजा यह हुआ कि दोनों ही टीमों आखरी पावर प्ले में सर्किल के अंदर चार की जगह पांच फील्डर रखने पड़े और अब ICC मैच फीस काटकर एक ही जुर्म की दोबार सजा दी है.
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मैच के दो दिन बाद आईसीसी ने एक मीडिया रिलीज जारी कर दोनों टीमों पर मैच फीस के 40-40 फीसदी जुर्माने की सजा की घोषणा की. Iरिलीज़ के मुताबिक मैच के दौरान तीनों अंपायरों ने मैच रेफरी जैफ क्रो से इस बारे में शिकायत की थी कि दोनों टीमें निर्धारित समय में ओवर पूरे कराने को लेकर गंभीर नहीं थी. बयान के मुताबिक धीमी ओवर गति से संबंधित आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के अनुसार निर्धारित समय में एक ओवर कम फेंकने पर मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है. रिलीज़ के मुताबिक दोनों टीमों के कप्तानों रोहित शर्मा और बाबर आज़म ने अपनी गलती को स्वीकार कर जुर्माना मंज़ूर कर लिया है. सवाल यह उठता है कि दोनों ही टीमों के कप्तान काफी अनुभवी हैं और ICC के इस नए नियम से वाकिफ न होना या वाकिफ होने पर भी उसपर गंभीर न होना लापरवाई ही माना जायेगा जो किसी भी नॉकऑउट मैच में भारी पद सकता है.

