लखनऊ। इन दिनों भाजपा के पाले में बैठे नरेश अग्रवाल ने अखिलेश यादव के पार्टी में वापसी के ऑफर को रिजेक्ट कर दिया है। कहा है कि मैं अब बीजेपी में ही रहूंगा। सपा में वापसी को लेकर उठते सवालों के जवाब में वह बोले, कि मेरे नेता मुलायम सिंह यादव हैं, अखिलेश यादव मेरे लीडर हो ही नहीं हो सकते। एक खबरिया चैनल से बात करते हुए राज्यसभा के एक्स एमपी नरेश अग्रवाल ने कहा कि मैं हर बार बेइज्जत नहीं होना चाहता हूं, मैं अब बीजेपी में हूं और आगे भी रहूंगा।
नरेश अग्रवाल के मुताबिक, उन्होंने यदि मुझे इनवाइट भेजा है तो इसका वेलकम है, पर मैं, मेरी फेमली और मेरे फ्रेंड्स बीजेपी के साथ ही रहेंगे। पूछा गया कि इस बार आपको खुलेतौर पर इनवाइट किया जा रहा है और अगर आपके मुलायम सिंह जी के साथ रिश्ते भी बेहतर है तो अखिलेश से दूरियां क्यों? इसपर नरेश बोले, कि बीजेपी के स्टेट प्रेसिडेंट भी पिछले दिनों मुलायम सिंह यादव से मुलाकात करने गये थे, ऐसे में यह तो मतलब नहीं निकलता कि, कोई अपनी पार्टी को छोड़कर ही चला जाएगा। राजनीति में पार्टी और पर्सनल रिलेशंस के मायने और हैं।
नरेश बोले, मुलायम सिंह यादव हमारे नेता हैं, वह हमारे मार्गदर्शक हैं, मैं उनकी रेस्पेक्ट आज भी करता हूं और यह स्वीकारने में मुझे संकोच नहीं है। नेरश का कहना है कि, अब समाजवादी पार्टी, मुलायम सिंह यादव की पार्टी तो है नहीं, वह तो सपा में महज यादगार हो गए हैं। इन हालातों में यह सोचना सपा में जाने की सोचना भी असंभव है।
गौरतलब है कि, बीते दिनों सपा मुखिया अखिलेश यादव ने नरेश अग्रवाल को अपनी पार्टी में वापसी का न्यौता दिया था। हरदोई की एक जनसभा में अखिलेश ने कहा था कि नरेश अग्रवाल अगर बता दें कि बीजेपी में उनका अपमान हो रहा है तो उन्हें सपा में हम ले लेंगे। मालूम हो कि नरेश अग्रवाल वर्ष 2018 में समाजवादी पार्टी का दामन छोड़कर भाजपा के पाले में जाकर खड़े हो गये थे।

