भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता का मानना है कि लॉकडाउन ने उन्हें संयम रखने के साथ साथ जिंदगी में छोटे छोटे पलों में खुशी ढूंढने की अहमियत भी समझा दिया है. सविता ने कहा, मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आना अभी बाकी है. मैं टोक्यो ओलंपिक में अपनी टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हूं ताकि हम रियो ओलंपिक की नाकामी को भुला सकें. उस समय हम बिल्कुल नए थे और हमने गलतियां कीं लेकिन 2021 में टोक्यो में हमारे पास इतिहास रचने का मौका है.
लॉकडाउन का मिला फायदा
सविता ने कहा, मैं हमेशा शांत रहती हूं, लेकिन मेरा मानना है कि लॉकडाउन के दौरान हमने जो समय बिताया है उसने मेरे संयम को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है. यहां बेंगलुरु के साई सेंटर में हम सब बेहद सहज हैं और मुझे लगता है कि एक दूसरे से संपर्क में रहने का मौका दिया है. उन्होंने कहा, शुरूआत में दूसरों की तुलना में मेरा आत्मविश्वास और खेल को लेकर जुनून कम था. हालांकि, समय के साथ खेल के प्रति मेरा प्यार बढ़ता चला गया.

