श्रद्धा वालकर केस इसलिए ज़्यादा चर्चित हुआ क्योंकि हत्यारोपी ने उसके 35 टुकड़े किये जाने की बात स्वीकारी। यह अपने आप में दुर्लभ अपराध की श्रेणी वाला केस था लेकिन ऐसा ही एक केस और सामने आया है लेकिन इसमें किसी लिव इन पार्टनर की हत्या करके टुकड़े नहीं किये गए हैं बल्कि एक बेटे ने अपने पिता की हत्या के बाद शरीर के 32 टुकड़े किये और उन टुकड़ों को बोरवेल में फेंक दिया ताकि किसी को पता न चल सके. बता दें कि बोरवेल का गढ्ढा काफी गहरा और छोटा होता है, अक्सर किसी छोटे बच्चे के बोरवेल में गिरने के समाचार आते रहते हैं.
अर्थ मूवर्स से बरामद हुए शरीर के अंग
घटना कर्नाटक के बागलकोट की बताई जा रही है जहाँ एक शख्स ने अपने पिता की हत्या कर उनके शरीर के कई दर्जन छोटे छोटे टुकड़े कर दिए ताकि उनको आसानी से बोरवेल में फेंका जा सके. लेकिन हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया और अर्थ मूवर्स की मदद से शरीर के अंगों को भी बरामद कर लिए गया. आरोपी विठला कुलाली को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आक्रोश में आकर की हत्या
जानकारी के मुताबिक यह घटना बीते 6 दिसंबर की है, 20 साल के विट्ठल कुलाली ने आक्रोश में आकर अपने पिता परशुराम कुलाली की लोहे की रॉड की मदद से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बड़े बेटे और पत्नी के साथ अलग रहने वाले पिता परशुराम अक्सर शराब के नशे में धुत होकर अपने छोटे बेटे विट्ठल कुलाली को गालियां देता रहता था। 6 दिसंबर को जब किसी बात को लेकर परशुराम विट्ठल कुलाली को गालियां दे रहा था तभी आक्रोश में आकर विट्ठल ने लोहे की रॉड से पीट पीटकर अपने पिता की हत्या कर दी। इसके बाद उसने शरीर के 32 टुकड़े किये और उन टुकड़ों को बागलकोट जिले के मुधोल के बाहरी इलाके में मंटूर बाईपास के पास स्थित अपने खेत के बोरवेल में फेंक दिया।

