नई दिल्ली। विश्व में तेजी से फैल रही मंकीपॉक्स की बीमारी समलैंगिक पुरुषों में होने का खतरा अधिक है। यह बीमारी अब तक 29 देशों में पहुंच गई है। जिसमें एक हजार से अधिक मामले आ चुके हैं। हालांकि इन देशों में अब तक किसी की मौत नहीं हुई है।
कोरोना के बाद दुनिया में मंकीपॉक्स नामक बीमारी फैल रही है। अब तक 29 देशों में इसके मामले सामने आ गए हैं। जिसके बाद डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने इसको फैलने से रोकने की जरूरत पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि अभी मंकीपॉक्स से किसी की मौत नहीं हुई। लेकिन प्रभावित देशों को मंकीपॉक्स मामलों और संपर्कों की पहचान करनी चाहिए। जिससे इसको समय रहते रोका जा सके।
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इसी के साथ डब्ल्यूएचओ ने दावा किया कि समलैंगिक पुरुषों में मंकीपॉक्स होने की संभावना अधिक है। टेड्रोस ने बताया कि समलैंगिक लोगों में ऐसी बीमारी मामलों में सामने आई है। पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुष समुदायों में मंकीपॉक्स मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। कुछ देशों में महिलाओं में भी समलैगिंग मामलों में बीमारी फैल रही है।
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डब्ल्यूएचओ के अनुसार मंकीपॉक्स एक आत्म-सीमित बीमारी है। ये दो से चार सप्ताह तक चलती है। यह विशेष रूप से युवाओं, गर्भवती महिलाओं के अलावा कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों केा होती है। वहीं यह बीमारी समलैगिंक लोगों को होने की संभावना अधिक रहती है। इसके साथ ही यह मुख्य रूप से महिलाओं के साथ यौन संबंध रखने वाली महिलाओं में देखने को मिलती है। मंकीपॉक्स पुरुषों व अन्य लोगों में संभोग से फैलता है। मंकीपॉक्स के लक्षण मिलने के बाद जल्द से जल्द इस मामले में चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए।

