Gujarat chunavi dangal- गुजरात में क्या कांग्रेस ने मान लिया है कि हार्दिक ने अब कांग्रेस को ह्रदय से निकाल दिया है? क्या कांग्रेस ने हार्दिक की जगह दलित नेता जिग्नेश को दे दी है? ऐसा इसलिए पूछा जा रहा है क्योंकि गुजरात में पिछले कुछ दिनों से जिग्नेश मेवानी को कांग्रेस पार्टी काफी भाव दे रही है। गुजरात में लग रहे कांग्रेस पार्टी के पोस्टरों और बैनरों में जिग्नेश को मुख्य स्थान दिया जा रहा है, वहीँ हार्दिक पटेल पोस्टरों से नदारद हैं।
दरअसल गुजरात में कांग्रेस पार्टी जिग्नेश को लेकर विक्टिम कार्ड खेलना चाहती है, कांग्रेस की मंशा जिग्नेश प्रति लोगों, विशेषकर दलितों में उपजी सहानुभूति की लहर को भुनाना है। जिग्नेश मेवानी को जिस तरह असम पुलिस ने एक ट्वीट के आधार पर गिरफ्तार किया और ज़मानत मिलने पर फ़ौरन ही एक महिला सिपाही से दुर्व्यहार का मामला लगाकर फिर सलाखों के पीछे भेज दिया, वैसा एक विधायक के साथ होना हैरानी वाली बात है। इसके बाद पांच साल पुराने एक मामले में अदालत द्वारा जिग्नेश को तीन महीने की सजा ने जिग्नेश को लोगों की नज़र में एक राजनीतिक पीड़ित के रूप में खड़ा कर दिया।
जिग्नेश भी इस मौके को दोनों हाथों से बटोरना चाहते हैं, जिग्नेश को अच्छी तरह मालूम है कि पाटीदार समुदाय कांग्रेस पार्टी से पूरी तरह छिटक चूका है, कुछ उम्मीद नरेश पटेल से थी, वह भी लगभग किनारे हो चुके हैं, ऐसे में कांग्रेस पार्टी अपने लक्ष्य को बदल दिया है और अब निशाना अपना परम्परागत वोट बैंक है, कांग्रेस पार्टी आदिवासियों और दलितों के साथ मुसलमानों के गठजोड़ के सहारे 27 साल के वनवास को ख़त्म करना चाहती है।
Also read: Gujarat chunavi dangal:- गुजरात कांग्रेस के वेलकम पोस्टर से गायब हुए हार्दिक
जैसे जैसे हार्दिक की कांग्रेस पार्टी से दूरियां बढ़ रही हैं जिग्नेश मेवानी को कांग्रेस अपने और नज़दीक ला रही है। गुजरात के मौजूदा माहौल को देखें तो यह साफ़ नज़र आ रहा है, अभी कई बातों पर पर्दा पड़ा है जो राजस्थान में अगले हफ्ते होने वाले कांग्रेस पार्टी के चिंतन शिविर के बाद हटेगा। अगली 10 मई को राहुल गाँधी गुजरात में होंगे, देखना होगा कि उनके सबसे नज़दीक कौन खड़ा होगा क्योंकि यह बात भी काफी महत्व रखती है, जो सबसे नज़दीक खड़ा होगा वही गुजरात में बड़ा होगा।

