मेरठ। 23 मई 2008 का वो काला दिन मेरठ में तिहरा हत्याकांड के पीड़ित आज तक नहीं भूले हैं। इन 15 सालों में एक बार उनके जख्म ताजा होते हैं। तीनों युवकों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी हाजी इजलाल को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद परिजनों में रोष है। इस मामले में इजलाल सहित 14 लोगों को आरोपी बनाया था।
मेरठ में हत्या, बागपत में शव
23 मई 2008 में कोतवाली थाना क्षेत्र के गुदड़ी बाजार में मेरठ कालेज के छात्र पुनीत गिरी, सुधीर व सुनील ढाका की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद तीनों के शव बागपत में बालैनी थाना क्षेत्र स्थित हिंडन नदी में क्षत-विक्षत हालत में मिले थे। मुकदमा बागपत से मेरठ स्थित कोतवाली थाने में ट्रांसफर हो गया था। पुलिस ने खुलासा किया कि तीनों युवकों की हत्या गुदड़ी बाजार में मीट करोबारी हाजी इजलाल व उसके परिवार के लोगों ने की थी।
तिहरे हत्याकांड में इजलाल को मुख्य आरोपी बनाया था। इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी। बता दें कि हत्यारोपी में रिजवान, मेहराज, सीम, शीबा सिरोही और बदरूदीन जमानत पर हैं। सभी आरोपी जेल में हैं। मुख्य आरोपी हाजी इजलाल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है।
एक युवती की मोहब्बत में इजलाल ने किया तीन छात्रों का कत्ल
पुलिस की जांच-पड़ताल में सामने मेरठ कॉलेज की एक युवती की मोहब्बत को लेकर इजलाल ने तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। जिसको लेकर मेरठ और बागपत में जनाक्रोश हुआ था। तभी से मुख्य आरोपी हाजी इजलाल जेल में बंद था।
शीबा सिरोही थी इजलाल की माशूका
पुलिस के मुताबिक, हाजी इजलाल की माशूका शीबा सिरोही थी। इस पर मेरठ कालेज के छात्रों सुनील ढाका, पुनीत गिरी और सुधीर ने आपत्ति जताई थी। इजलाल ने शीबा से साठगांठ कर तीनों छात्रों को अपने घर गुदड़ी बाजार बुला लिया था। जहां आरोपियों ने तीनों की हत्या कर दी थी। युवकों को गोली मारने के बाद उनको छुरे से काटा गया था। उसके बाद शवों को ठिकाने लगा दिया था।
पीड़ित परिवार 15 साल से मांग रहा इंसाफ
पीड़ित परिवार की तरफ से लगातार आरोपी को सजा दिलाने के लिए गवाही कराई गई। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार 12 साल से अधिक जेल में बंद बंदियों को जमानत देने की बात कही थी। इसी आधार पर मुख्य आरोपी इजलाल के अधिवक्ता ने दो महीने पहले जमानत की अर्जी हाईकोर्ट में लगाई थी।

