ज्ञानवापी मस्जिद विवाद को आठ हफ्ते में सुलझाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब इस मामले पर बड़ी तेज़ी से काम चल रहा है। सिविल कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए इस पूरे केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में केस जाने से केस की रोजाना सुनवाई की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार फास्ट ट्रैक कोर्ट में 30 मई से केस की सुनवाई होगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज महेंद्र पांडे अब इस मामले पर सुनवाई करेंगे।
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बता दें कि हिंदू पक्ष ने सिविल कोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसमें ज्ञानवापी मस्जिद हिंदुओं को सौंपने और पूजा की मांग की गई थी जिसपर आज सुनवाई हुई। यह याचिका किरण सिंह की ओर से दाखिल हुई थी जो विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन की पत्नी और विश्व वैदिक सनातन संघ की अंतरराष्ट्रीय महामंत्री हैं।
वहीँ इस मामले में हिंदू पक्ष के वकील ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस ट्रांसफर होने के बाद अब हम कोर्ट से आज ही सुनवाई कर तत्काल पूजा की मांग करेंगे। इससे पहले ज्ञानवापी मामले पर जिला कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई थी जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद अगली सुनवाई के लिए 26 मई की तारिख तय की गयी थी और यह भी तय हुआ था कि पहले मुस्लिम पक्ष की दलीलों को सुना जायेगा। जिला कोर्ट ने सर्वे रिपोर्ट पर आपत्तियां दर्ज कराने का दोनों पक्षों को निर्देश दिया है। अब कल इस बात पर सुनवाई होगी कि मस्जिद से जुड़े मामले को सुना जाय या नहीं।
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इस बीच यह भी जानकारी मिली है कि फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला भेजने की किसी पक्ष ने मांग नहीं की थी बल्कि जज ने खुद ही ये मामला फास्ट ट्रैक में भेजा है। ऐसा शायद सुप्रीम कोर्ट की दी गयी टाइम लाइन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। बता दें कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला तभी जाता है जब एक तय समय में केस का फैसला करना होता है।

