गाजीपुर। भारत के अति प्राचीन हथियाराम मठ के महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति जी महाराज ने कहा कि मुगलों ने मंदिरों का ये हाल किया है। काशी की ज्ञानवापी मस्जिद मुद्दे पर अपनी राय मीडिया के सवालों पर उन्होंने दो टूक राय रखते हुए माना है कि ज्ञानवापी के वजुखाने में जो मिले हैं ये वही शंकर हैं, जिनकी तलाश हम सबको थी और ये बात मुस्लिम समाज जानता है। उन्हें चाहिए कि जो जिसका है उसे सौंप दिया जाय। उन्होंने ये भी कहा कि ये मामला राममंदिर से भी सरल तरीके से हल हो जाएगा। अब चूंकि मामला न्यायालय में है इसलिए किसी को चिंता नही करनी चाहिए। प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं होती है। काशी में शंकर कंकड़ कंकड़ में है तो वहां दूसरा कुछ कैसे हो सकता है। न्यायालय में मामला है और न्यायालय साक्ष्य सबूत पर फैसला करती है और सारे साक्ष्य सबूत सामने है।
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गाजीपुर के प्राचीन हथियाराम मठ के महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति जी महाराज,आज गाज़ीपुर के स्थानीय ददरीघाट स्थित एक कार्यक्रम में आए थे। गाज़ीपुर के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ अपनी उपस्थिति के लिए लोगों को साधुवाद भी दिया, उन्होंने अपने संक्षिप्त प्रवचन में सामाजिक सद्भाव के साथ हम कैसे तनावमुक्त वातावरण में खुशहाली से रह सकते हैं। इस पर संबोधित भी किया।
महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति महाराज से ज्ञानवापी विवाद पर उनकी राय और जनता को क्या संदेश है इस सवाल पर महमण्डलेश्वर भवानी नंदन यति ने कहा कि ज्ञानवापी मुद्दा से पहले भारत में राम मंदिर मुद्दा छाया रहा और आज राम मंदिर बन गया इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि ज्ञानवापी मुद्दा राम मंदिर मुद्दा से भी सरल तरीके से हल होने वाला है क्योंकि अयोध्या में राम मंदिर मुद्दा बहुत लंबे समय तक चला एविडेंस के लिए खुदाई और तमाम कब आए देखी गई लेकिन ज्ञानवापी मुद्दा बहुत जल्द हल होने वाला है क्योंकि न्यायालय को एविडेंस की आवश्यकता होती है और ज्ञानवापी में खुलेआम एविडेंस पड़े हुए हैं।
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अगर न्यायालय को न्याय देने की बात आती है तो निश्चित तौर से वहां पर जर्रा जर्रा में शिवलिंग है। हमें आज मौका मिला है अपने उन दफन हुए मूर्तियों को निकालने का हम अपने उन हजारों साल के ज्योतिर्लिंगों के स्थान को खोजने का इस दौरान महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति ने दोनों समुदायों से कहा है कि दुनिया को देखने के लिए परमात्मा ने दो आंखें और एक अंतर्मन की आंखें दिया है तीनों आंखों से दोनों लोग देखें और मुसलमान भाइयों से कहना चाहूंगा की काशी के जर्रा जर्रा में शंकर है और मस्जिद में भी शंकर है।

