अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद राजनैतिक सरगर्मिया तेज हो गई है। भाजपा के कई दिग्गजों ने विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। इनमें से एक नाम है पूर्व सीएम विजय रूपाणी का भी है। पूर्व सीएम विजय रूपाणी ने युवाओं को मौका देने की बात कही है।
इन नेताओं ने चुनाव लड़ने से किया इंकार :—
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा, मैंने सभी के सहयोग से पांच साल तक मुख्यमंत्री पद पर रहकर सीएम के रूप में काम किया। इस चुनाव में अब नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि वो अब चुनाव नहीं लड़ेगे। उन्होंने कहा कि हम पार्टी के चुने प्रत्याशियों को जिताने के लिए काम करेंगे। गुजरात के पूर्व डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने भी विधानसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। इसके अलावा वरिष्ठ भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह चुडासमा ने चुनाव लड़ने से इनकार किया है। चुडासमा ने कहा कि वो विधानसभा चुनाव लड़ेगे। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस संबंध में अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा कि अब अन्य कार्यकर्ताओं को अवसर मिलना चाहिए। वो अब तक 9 बार चुनाव लड़ चुके हूं। उन्होंने इसके लिए पार्टी का आभार व्यक्त किया।
दिग्गज प्रदीप जडेजा भी नहीं लड़ेगे चुनाव :—
विधायक प्रदीप सिंह जडेजा भी इस चुनाव में नहीं उतरेंगे। जडेजा ने कहा, मैं वटवा विधानसभा सीट का विधायक हूं। मुझे पार्टी द्वारा चार बार विधायक और राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में काम करने का अवसर दिया गया है। अब मैं स्वेच्छा से अगला विधानसभा चुनाव 2022 में नहीं लड़ना चाहता।
दिल्ली में चल रही केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक :—
गुजरात के इन दिग्गज नेताओं ने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा ऐसे समय पर हुई है जब भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक दिल्ली में चल रही है। जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा ओपी माथुर और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल शामिल हैं। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, महाराष्ट्र डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक में मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि इसमें गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लग सकती है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा होगी।

