Gujarat chunavi dangal:- गुजरात विधानसभा चुनाव से पूर्व आप ने गुजरात मे अपने पैर पसारने आरम्भ कर दिये हैं। गुजरात मे आप की शिरकत ने कांग्रेस का रंग कही न कही फीका किया है और अब यह भाजपा को पीछे धकेल सत्ता का स्वाद चखने की रणनीति बना रही है। आप के लिए पंजाब में कांग्रेस को पछाड़ कर नम्बर वन बनाना आसान था।
लेकिन गुजरात मे आप द्वारा कांग्रेस को कमजोर समझना और खुद को उसकी जगह आँकते हुए भाजपा से सीधे टक्कर लेना आसान नहीं है। क्योंकि पंजाब में कांग्रेस भले ही आप के सामने धड़ाक से गिरी हों लेकिन गुजरात मे कांग्रेस का एक अलग की वर्चस्व बना हुआ है।
यहां सत्ता भले 25 साल से भाजपा के हाँथ में है लेकिन कांग्रेस की धमक धमाकेदार वोट बैंक पर है। अब ऐसे में गुजरात मे आप को स्वम् को साबित करने के लिए कांग्रेस को नकार कर सिर्फ भाजपा को देखना उसके लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
जाने क्या है गुजरात में केजरीवाल की आस:-
अगर हम आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल की बात करे तो यह चाहते हैं कि गुजरात के उनका मुकाबला कांग्रेस से नहीं सीधे भाजपा से हो। उनका गुजरात में सबसे ज्यादा फोकस भाजपा पर है। लेकिन वह यह नहीं देखे रहे हैं कि गुजरात के कांग्रेस दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है जिसने 2017 में भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी। वही कांग्रेस को 2 नम्बर से हटा कर उसकी जगह लेना केजरीवाल के लिए गुजरात मे ठीक वैसा ही साबित हो सकता है जैसे यूपी में केजरीवाल का मॉडल साबित हुआ है।
केजरीवाल गुजरात से आस लगाए हैं की वह अपने पंजाब मॉडल से जनता को लुभा लेंगे। उनका पूरा फोकस पाटीदार और प्रवासी मजदूरों पर है। वही अगर हम भाजपा की ओर से बात करे तो इस समाज को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभाल रहे हैं जो कि भाजपा के तुरुप का इक्का के रूप में जाने जाते हैं। अब ऐसे में केजरीवाल की भाजपा से सीधे टक्कर की आस पर कांग्रेस अपनी अंदरूनी कलह को मिटाकर अगर कोई बड़ा दाव खेलती है तो मिटा सकती है।
हालांकि आप की नजर कांग्रेस के वोट बैंक पर बनी हुई है। जहां अभी कांग्रेस ने अपनी रणनीति से पर्दा नहीं उठाया है वही आप लगातार कांग्रेस के वोट बैंक में सेंधमारी करने की फिराक में है।

