Vegetable Price: नीबू-मिर्च और अदरक के दाम आसमान पर, जानिए कब मिलेगी राहत

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Vegetable Price hike: सब्जी मंडी में इन दिनों लगभग सभी सब्जियों के दाम आसमान पर हैं। टमाटर ही नहीं नीबू-अदरक और मिर्च के दाम भी आसमान पर हैं। इन दिनो खुदरा बाजार में टमाटर 100 से 120 रुपए किलो है। इसी तरह हरी मिर्च, अदरक, भिंड़ी और तोरई की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं। व्यापारियों ने कहा कि अत्यधिक गर्मी और बारिश में देरी से सब्जियों का उत्पादन कम हुआ है। राज्य में अपर्याप्त बारिश के कारण सब्जियों के दाम बढ़े हैं।

सब्जी मंडियों में टमाटर और अन्य सब्जियों की कीमतें बढ़ गई हैं। कई जगहों पर टमाटर 100 से 120 रुपए किलो से अधिक बिक रहा है। राजधानी दिल्ली से लेकर केरल तक मानसून में सभी सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच गए है। इनमें हरी मिर्च, नींबू और अदरक जैसी सब्जियां महंगी हो गई हैं।

एक सप्ताह पूर्व तक सस्ती सब्जी के दाम अचानक से इतना कैसे बढ़ गए। इससे आम लोग हैरान है। खुदरा बाजार में टमाटर इस समय कई जगह 100 से 120 रुपए किलो है। ऐसे ही अदरक की कीमत 60 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 400 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई। हरी मिर्च पिछले सप्ताह 40 रुपए प्रति किलो थी जो कि अब बढ़कर 160 रुपए प्रति किलो हो गई है।

टमाटर की कीमत थोक में 15 रुपए प्रति किलो और खुदरा बाजार में में 40 रुपए प्रतिकिलो थी। 26 जून को कीमतें 60 रुपए प्रति किलो और 80 रुपए प्रति किलो पहुंची। तोरई, जो चंद दिन पहले तक 30 से 40 रुपए के बीच थी। अब 80 से 120 रुपए के बीच बिक रही है। भिंडी की कीमत 80 रुपए, हरी मिर्च का भाव कुछ जिलों में 150 रुपए किलो तक पहुंच गई है।

पश्चिम बंगाल में अदरक का भाव, टमाटर का दाम और भिंडी की कीमत अब क्रमशः 100 रुपए, 47 रुपए और 57 रुपए है। राजस्थान की थोक मंडियों में हरी मिर्च तीन रुपए किलो बेची जा रही थी जो कि बढ़कर 25 रुपए किलो हो गई है। पहले 8.10 रुपए प्रति किलो बिकने वाले करेला इस समय थोक मंडी में 25 रुपए किलो है।

हरी सब्जियां भी हुईं महंगी

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में, व्यापारियों ने कीमतों में वृद्धि के लिए किसानों द्वारा दूसरी फसलों को चुनने और बारिश में देरी को जिम्मेदार ठहराया है। बेंगलुरु में सब्जी व्यापारियों ने बताया कि अपर्याप्त बारिश से सब्जियों की कीमतें बढ़ी हैं।

थोक विक्रेताओं का कहना है कि चक्रवाती तूफान बिपरजॉय से हुई भारी बारिश और कई कारणों से टमाटर और अन्य सब्जियों की कीमतों में वृद्धि हुई है। चक्रवाती बारिश के बाद आए मानसून से फसलें बर्बाद हो गईं। टमाटर की कीमतें चार से पांच गुना बढ़ी। इसके चलते अ सभी सब्जियों की कीमतें करीब दो से तीन गुना तक बढ़ी हैं। जब मानसून आता है तो सब्जियों की कीमतें बढ़ जाती हैं। मानसून के दौरान, बारिश से जलभराव और बाढ़ आती है, ये फसलों को नुकसान पहुंचाती हैं। इससे सब्जियों की कमी के कारण कीमतें बढ़ती हैं।

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