मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के कुर्ला के नाइक नगर में देर रात एक चार मंजिला इमारत के ढह जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि इमारत के मलबे में 30 लोग दबे हुए हैं। इनको निकालने के लिए रेस्क्यू किया जा रहा है। मौके पर देर रात से कई जेसीबी और नगर निकाय की मशीनें मलबे में दबे लोगों के निकालने का काम कर रही हैं। नागरिक निकाय अधिकारी के मुताबिक बचाव अभियान जारी है। फंसे लोगों को निकालने के लिए दमकल के अलावा पुलिस टीमें जुटी हैं।
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बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अनुसार, मलबे से निकाले गए सात लोगों की हालत गंभीर है। वहीं अभी 30 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका हैं। इस बीच आज मंगलवार की सुबह एक और व्यक्ति को मलबे से जिंदा निकाल लिया गया है। एनडीआरएफ उप कमांडेंट आशीष ने बताया कि अभी कितने लोग फंसे हैं। इस बारे में कुछ कहना मुश्किल होगा। बीएमसी के रात के आंकड़ों के अनुसार, मलबे में 30 लोगों के फंसने की संभावना है। मलबे से सात लोगों को निकाला गया। जिनकी हालात गंभीर है।
पार्षद प्रवीण मोराजकर ने बताया कि नाइक नगर में चार मंजिला इमारत ढही है। दमकल टीम और पुलिस कर्मी बचाव अभियान चलाकर लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं। मलबे के नीचे से बचाए सात लोगों की हालत गंभीर है। 30 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। बचाव कार्य जारी है।
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महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे भी रात में ही घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। आदित्य ठाकरे ने कहा कि इस चार मंजिला इमारत को खाली करने का नोटिस दिया था। लेकिन इसके बाद भी कई लोग वहां रह रहे हैं। सबसे पहली प्राथमिकता कि इमारत को खाली कराया जाएगा उसके बाद बिल्डिंग को तोड़ा जाएगा।
आदित्य ठाकरे ने बीएमसी जब नोटिस जारी करे तो इमारतें खुद खाली कर देनी चाहिए। अगर लोग सजग होते तो ऐसी घटनाएं नहीं होती। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

