Pet Insurance: अपने पालतू पशुओं का बीमा कराएं और इलाज के भारी खर्च से जान बचाएं

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Pet Insurance: अब परिवार के लोगों का जीवन बीमा के साथ अपने पालतू जानवर का भी बीमा करवा सकते हैं। इसके लिए बीमा कंपनियों ने पॉलिसी की पेशकश की है। इसके मुताबिक अब परिवार के बीमा के अलावा Pet Insurance भी ले सकते हैं। इसके लिए Bajaj Allianz General Insurance ने बिल्लियों के लिए बीमा पॉलिसी जारी की है। Bajaj Allianz General Insurance पालतू कुत्तों के लिए बीमा पॉलिसी पहले ला चुकी है। गो डिजिट ने वेटिना के साथ साझेदारी में कुत्तों के लिए comprehensive insurance लाने की घोषणा की है। बता दें आजकल पालतू पशु घर में रखने का चलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे में पालतू पशुओं के इलाज भी काफी महंगे होते जा रहे हैं। इसीलिए इलाज और दूसरे खर्चों का बोझ कम करने को पालतू बीमा यानी पेट इंश्योरेंस की मांग बढ़ रही है।

कई पशुओं को एक बीमा पॉलिसी में किया जा सकता है शामिल

pet insurance policy कुत्तों और बिल्लियों के लिए होती है। लेकिन pet insurance policy में घोड़े, खरगोश और दूसरे पशु शामिल किए जा सकते हैं। pet insurance policy में इंसानों के बीमा की ही तरह pet के अस्पताल का खर्च शामिल होता है। pet को कोई बीमारी हो तो उसके इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने से पहले और छुट्टी मिलने के बाद के खर्च pet insurance में होते हैं।

पालतू पशुओं की जिंदगी इंसानों से बहुत कम होती है। उनके साथ कई तरह की बीमारी या दुर्घटना होने का डर रहता है। बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के मुख्य तकनीकी अधिकारी टीए रामलिंगम ने बताया कि बीमारी में जानवरों के अस्पताल का खर्च बहुत अधिक होता है। पालतू पशुओं को दुर्घटना में चोट लगने पर खर्च बढता है। पशुओं के अस्पताल बहुत कम हैं, इसलिए इनके इलाज बहुत महंगे हैं। इलाज में 10,000 से 30,000 रुपए तक खर्च हो सकते हैं। pet insurance ऐसे में काम आता है और पालतु पशुओं के मालिक को उनकी बीमारी और अन्य खर्च से बचाता है।

मृत्यु, सर्जरी, चोरी होने पर काम आता है बीमा

pet insurance पालतू के अस्पताल में भर्ती होने पर तो काम आता ही है। इसी के साथ उसकी सर्जरी, मृत्यु, उसके चोरी होने या भाग जाने पर बीमा की रकम मिलती है। पॉलिसीएक्स के संस्थापक और सीईओ नवल का कहना है कि यदि पालतू पशु मर जाए या किसी की संपत्ति को नुकसान पहुंचा दे तो बीमा काम आता है। इतना ही नहीं उसका ओपीडी का खर्च पॉलिसी में मिलता है। ग्राहक अपनी पसंद का बीमा प्लान ले सकते हैं। रामलिंगम के अनुसार पॉलिसी 1 महीने से 3 साल तक की होती है। एक पॉलिसी में कई पालतू पशुओं को बीमा में कवर कराया जा सकता है। पॉलिसी अमूमन 7 हफ्ते से 8 साल के लिए होती हैं। इनमें 30,000 से 50,000 रुपए तक का बीमा होता है। हालांकि गोडिजिट की नई पॉलिसी में 40,000 से 1.5 लाख रुपए तक का बीमा है। इसकी अवधि 12 हफ्ते से 10 साल तक की है।

स्पा, कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट, ग्रूमिंग और पैदाइशी बीमारियों का खर्च नहीं

ऐसी pet insurance पॉलिसी बजाज आलियांज, न्यू इंडिया एश्योरेंस, फ्यूचर जनरली और गोडिजिट के पास हैं। मगर लोगों में जानकारी नहीं होने के कारण ये बिक नहीं रही। पशु चिकित्सक के पास जाने पर इस बीमा पॉलिसी में राशि के बराबर रकम मिलती है। इसमें हर तरह का खर्च शामिल होता है। pet insurance में स्पा, कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट, ग्रूमिंग और पैदाइशी बीमारियों का खर्च नहीं दिया जाता। कुछ कंपनियां 12 महीने पहले से चल रही बीमारियों को पॉलिसी में शामिल नहीं करतीं मगर कुछ कंपनी इनको शामिल कर लेती हैं। ज्यादातर पॉलिसी में 10 फीसदी को-पे की शर्त होती है। यानी इलाज का 10 फीसदी खर्च अपनी जेब से भरना पड़ता है।

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