दिल्ली जा रही युवती को लखनऊ में बनाया बंधक, गैंगरेप के दो आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम
चार साल पुराने दोस्त ने बुलाया कमरे पर, कॉफी में नशीला पदार्थ मिलाकर किया अत्याचार
पांच टीमें दबिश में जुटीं, मोबाइल बंद कर फरार हुए आरोपी; तीसरे दरिंदे की तलाश जारी
लखनऊ। लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा से कथित गैंगरेप का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस ने मामले में फरार चल रहे दो नामजद आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। दोनों आरोपी मोबाइल बंद कर अंडरग्राउंड हो गए हैं, जबकि उनकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें यूपी समेत दूसरे राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं।
जौनपुर की रहने वाली पीड़िता दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। साथ ही वह बीए ऑनर्स की पढ़ाई भी कर रही है। छुट्टियों में घर आने के बाद 15 मई को वह दोबारा दिल्ली लौट रही थी। पिता ने उसे जाफराबाद रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठाया था। सफर के दौरान छात्रा ने अपने पुराने दोस्त शिवम यादव को मैसेज किया।
छात्रा के मुताबिक, शिवम से उसकी पहचान करीब चार साल पुरानी थी। मैसेज मिलने के बाद शिवम चारबाग स्टेशन पहुंचा और मिलने के दौरान उसने छात्रा को अपने कमरे पर चलने के लिए राजी कर लिया। आरोप है कि सुशांत गोल्फ सिटी स्थित फ्लैट पर पहुंचने के बाद छात्रा को कॉफी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया गया। इसके बाद आरोपी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर कई दिनों तक उसके साथ दरिंदगी की।
पीड़िता ने बताया कि तबीयत बिगड़ने पर आरोपी उसे ट्रेन में बैठाकर भाग निकले। रास्ते में उसने अपने परिजनों को फोन कर पूरी घटना बताई, जिसके बाद मामला सामने आया। शुरुआती रिपोर्ट दिल्ली में दर्ज हुई, लेकिन घटना स्थल लखनऊ होने के कारण केस यहां ट्रांसफर कर दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी शिवम यादव और उसका साथी सन्नी यादव जौनपुर के रहने वाले हैं। वारदात में इस्तेमाल फ्लैट किराए पर लिया गया था। घटना के बाद से फ्लैट बंद मिला है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी कोर्ट में सरेंडर की तैयारी में हैं।
वहीं तीसरे आरोपी की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। पीड़िता के पिता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी बेटी मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुकी है और उसे लगातार चिकित्सकीय देखरेख की जरूरत है।

