मेरठ। मेरठ में समाजवादी आवासीय योजना के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में लखनऊ तक रिश्वत दी गई। जिसमें बताया जा रहा है पांच करोड़ की रिश्वत दी गई है। इस मामले में एक एमएलसी का चिकित्सक पति और परिवार के अन्य लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। करोडो रुपये रिश्वत और आवासीय योजना में धोखाधड़ी के मामले में अब शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो चुकी है। पुलिस की जांच में पता चला कि इसमें पांच करोड़ रुपये की रिश्वत का लेनदेन किया गया है। रुपया कहां और किसको दिया गया इस बारे में अब पुलिस सबूत जुटा रही है।
Read also: Agnipath Scheme News – किसी भी हाल में वापस नहीं होगी अग्निपथ योजना: सेना प्रमुख
फर्जीवाड़े के एक अन्य आरोपी अखिलेश चौहान ने पुलिस के सामने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। जिसके बाद पुलिस ने चुप्पी साध ली है। आवासीय योजना में धोखाधड़ी मामले में लखनऊ में रिश्वत देने की बात कही जा रही है। पुलिस के सामने कुछ बड़े नाम सामने आए हैं। बताया जाता है कि तीन साल में लोगों को इसी योजना के नाम पर करोड़ों का चूना लगाया गया है। आरोपी द्वारा पुलिस को दिए बयान में उसने अधिकारियों और नेताओं के नाम बताए हैं। जो कि मेरठ में इस योजना में उसके साथ शामिल रहे थे। इसको लेकर जांच चल रही है।
Read also: Uttarakhand News Today: धामी सरकार में अपनी 25 हजार करोड़ की योजना ढूंढ रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत
पूरे मामले में पुलिस ने एमडीए से संबंधित जानकारी मांगी। एमडीए इस संबंध में रिकॉर्ड पुलिस को उपलब्ध करा दिए है। एमडीए की ओर से अखिलेश चौहान को नोटिस भेजकर आवासीय योजना नहीं चलाने का निर्देश दिया था। एक पत्राचार में अखिलेश की ओर से आश्वासन दिया गया कि कोई भी निर्माण कार्य उसकी ओर से नहीं कराया जा रहा है। लेकिन उसके बाद भी प्लाट काटकर बेचे जाते रहे। जांच में सामने आया कि रुपया लेने के बाद भी लोगों को ना तो प्लाट ही दिया गया और ना उनको फ्लैट बनवाकर दिए गए।

