मेरठ। मेरठ और नोएडा एटीएस यूनिट ने छापेमारी के दौरान चार पीएफआई एजेंट गिरफ्तार किए है। चारों पीएफआई एजेंटों से आपत्तिजनक साहित्य और दस्तावेज बरामद हुआ है। सभी के खिलाफ थाना खरखौदा में मुकदमा दर्ज कराया है। चारों पीएफआई एजेंटों से पूछताछ में चैकाने वाली जानकारी हासिल हुई है। मेरठ एसपी देहात ने गिरफ्तारी की पुश्टि की है। एटीएस ने विभिन्न जिलों में छापेमारी के दौरान ये गिरफ्तारी की है। थाना खरखौदा में आज शनिवार को पीएफआई के चार एजेंटों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए पीएफआई एजेंटों में दो शामली और बाकी अन्य जिलों के निवासी हैं। एक पीएफआई एजेंट गाजियाबाद और एक अन्य मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया है। बता दें कि गुरुवार को एटीएस ने देश भर में बडे़ पैमाने पर पीएफआई के आफिसों और पदाधिकारियों के घर पर छापेमारी की थी। जिसके बाद ये गिरफ्तारी की गई हैं। गुरुवार को शामली में एटीएस की टीम ने पीएफआई के एक कार्यकर्ता को पकड़ा। बीते दिनों देश में पीएफआई एजेंटों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई अभियान से हड़कंप मच गया था। कांग्रेस ने इसके एक संप्रदाय के खिलाफ भाजपा का षडयंत्र बताया था।
एटीएस ने मेरठ के देहली गेट थाना क्षेत्र में अलसुबह दबिश दी थी। टीम को जिसकी तलाश थी वह तो नहीं मिला लेकिन उसके तीन रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। गिरफ्तार किए गए पीएफआई कार्यकर्ताओं के नाम मुफ्ती शहजाद निवासी गांव नेकपुर थाना मुरादनगर जनपद गाजियाबाद, मोहम्मद शादाब अजीम कासमी, निवासी गांव सोंटा रसूलपुर थाना भवन शामली, मोहम्मद इस्लाम कासमी निवासी जोगियाखेड़ा थाना फुगाना जिला मुजफ्फरनगर,मौलाना साजिद निवासी गांव मामौर थाना कैराना जनपद शामली हैं। इन सभी के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं। टेरर फंडिंग के मामले में ही पीएफआइ के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।

