Manipur violence Story: मणिपुर में पिछले तीन महीने से हिंसा जारी है। इस बीच, कुछ वीडियो सामने आए हैं। जिससे पूरा देश हिल गया है। वीडियो में कुकी समुदाय की महिलाओं को नग्न कर सड़क पर घुमाते हुए दिखाया है। ये वीडियो पूरी दुनिया में चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी निंदा की है। पीएम ने कहा कि दोषियों को किसी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को स्वत: संज्ञान ले चुका है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस ने यहां तक कह दिया कि या तो सरकार कार्रवाई करे, नहीं तो हम खुद ऐसे मामले में हस्तक्षेप करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी और चीफ जस्टिस की टिप्पणी
आज संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बात की। उन्होंने मणिपुर हिंसा का जिक्र करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदीन ने कहा, ‘मेरा हृदय पीड़ा से भरा है, मणिपुर की जो घटना सामने आई, वह किसी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली है। पाप करने वाले, कितने हैं-कौन हैं, यह अपनी जगह है, लेकिन बेइज्जती पूरे देश की हुई है। इस घटना से देश की 140 करोड़ जनता को शर्मसार होना पड़ा है। सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह करता हूं कि वो माताओं-बहनों की रक्षा करने के लिए कठोर कदम उठाएं। अपने राज्यों में कानून व्यवस्था को और मजबूत करें। घटना चाहे राजस्थान, छत्तीसगढ़ या मणिपुर की हो, हम राजनीतिक विवाद से ऊपर उठकर कानून व्यवस्था और महिला सम्मान का ध्यान रखें। घटना के गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा। मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ है, उसे कभी माफ नहीं किया जा सकता।’
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा हम सरकार को कार्रवाई करने के लिए थोड़ा समय देंगे, नहीं तो हम खुद ऐसे मामले में हस्तक्षेप करेंगे। उन्होंने कहा कि अदालत को सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से अवगत कराया जाना चाहिए। जिससे कि हिंसा के लिए मामला दर्ज किया जा सके। मीडिया में जो दिखाया है और जो दृश्य सामने हैं, वे घोर संवैधानिक उल्लंघन हैं। महिलाओं को हिंसा के साधन के रूप में इस्तेमाल करना संवैधानिक लोकतंत्र के खिलाफ है।
मणिपुर में क्यों भड़की हिंसा?
मणिपुर की राजधानी इम्फाल बिल्कुल बीच में है। ये पूरे प्रदेश का 10 फीसद है। जिसमें प्रदेश की 57 प्रतिशत आबादी रहती है। बाकी चारों तरफ 90 प्रतिशत के हिस्से में पहाड़ी इलाके हैं। जहां प्रदेश की 43 प्रतिशत आबादी निवास करती है। इम्फाल घाटी वाले इलाके में मैतेई समुदाय की आबादी अधिक है। ये लोग हिंदू हैं। मणिपुर की आबादी में मैतेई हिस्सेदारी का 53 प्रतिशत है। आंकड़ें देखें तो मणिपुर में 60 विधायकों में से 40 MLA Meitei Community से ही हैं।
वहीं, दूसरी ओर पहाड़ी इलाकों में 33 मान्यता प्राप्त जनजातियां हैं। इनमें प्रमुख रूप से नगा और कुकी जनजाति हैं। ये दोनों जनजातियां मुख्य रूप से ईसाई समुदाय से हैं। इसके अलावा मणिपुर में आठ-आठ फीसद आबादी Muslim and Sanmahi caste की है।
भारतीय संविधान के तहत मणिपुर की पहाड़ी जनजातियों को विशेष दर्जा और सुविधाएं मिली हैं। जो मैतेई समुदाय को नहीं मिलती। ‘लैंड रिफॉर्म एक्ट’ के कारण मैतेई समुदाय पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीदकर नहीं रह सकते। जबकि जनजातियों पर पहाड़ी इलाके से घाटी में आकर बसने पर रोक नहीं है। इससे दोनों समुदायों में मतभेद बढ़ते रहे हैं।
हिंसा की शुरुआत कब?
मौजूदा तनाव की शुरुआत चुराचंदपुर जिले से हुई है। जो राजधानी इम्फाल से 63 किलोमीटर दूर है। इस जिले में कुकी आदिवासी अधिक हैं। गवर्नमेंट लैंड सर्वे के विरोध में 28 अप्रैल को द इंडिजेनस ट्राइबल लीडर्स फोरम ने चुराचंदपुर में आठ घंटे के बंद का ऐलान किया था। इस बंद ने हिंसक रूप ले लिया। उसी रात तुइबोंग एरिया में उपद्रवियों ने सरकारी ऑफिस को आग के हवाले कर दिया। 27-28 अप्रैल 2023 को हिंसा में मुख्य तौर पर पुलिस और कुकी आदिवासी आमने-सामने आ गए थे।
इसके ठीक पांचवें दिन तीन मई 2023 को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर ने ‘आदिवासी एकता मार्च’ निकाला। जो मैतेई समुदाय को एसटी का दर्जा देने के विरोध में था। बस मणिपुर में यहीं से स्थिति बिगड़ गई। आदिवासियों के प्रदर्शन के विरोध में मैतेई समुदाय के लोग आ गए। इसके बाद लड़ाई के तीन पक्ष हो गए।
एक तरफ मैतेई समुदाय, दूसरा कुकी और तीसरा नगा समुदाय। इसके बाद पूरा प्रदेश हिंसा की आग में जलने लगा। चार मई को चुराचंदपुर में मुख्यमंत्री बीरेन सिंह की रैली होने वाली थी। पूरी तैयारी थी। लेकिन रात में उपद्रवियों ने टेंट और कार्यक्रम स्थल पर आग लगा दी। सीएम का कार्यक्रम स्थगित हुआ। अब तक इस हिंसा के चलते 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। तीन हजार से अधिक घायल बताए जा रहे हैं।
महिलाओं को नग्न कराकर घूमाने का किन पर आरोप?
जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो में जिन दो महिलाओं को नग्न करके घुमाया है, वो कुकी समुदाय की हैं। यह वीडियो चार मई 2023 का बताया गया है। जब हिंसा चरम पर थी। महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने का आरोप मैतई समुदाय के लोगों पर लगा है।
मामले में पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ थौबल जिले के नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन में अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज किया। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से इस मसले पर रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि इस मामले में अभी तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
