मथुरा। गोवर्धन धाम में गिरिराज पूजा पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। गोवर्धन के दानघाटी मंदिर, हर गोकुल मंदिर, मानसी गंगा, गिरिराज मुकुट मुखार बिंद मंदिर, जतीपुरा स्थित मुखार बिंद मंदिरों पर भक्त गोवर्धन पूजा कर रहे हैं और साथ ही गोवर्धन की 21 किलोमीटर की परिक्रमा कर रहे हैं।
मान्यता के अनुसार कहा जाता तो कि द्वापर में भगवान श्री कृष्ण माता यशोदा और नंद बाबा के साथ ब्रज में रहते थे। उस समय ब्रज में अच्छी बारिश के लिए लोग इंद्र देव की पूजा किया करते थे। इसे लेकर भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र का घमंड तोड़ने का तय किया भगवान श्री कृष्ण ने बज वासियों से कहा कि वह इंद्र की पूजा ना करें बल्कि गोवर्धन पर्वत की पूजा करें। सभी ब्रज वासियों ने कान्हा की बात मानते हुए इंद्र देव की पूजा करना बंद कर दिया। यह देख कर इंद्रदेव क्रोधित हो गए और ब्रज में तेज बारिश शुरू कर दी। इंद्रदेव द्वारा शुरू की गई बारिश से ब्रज वासियों में भगदड़ मच गई चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई देने लगा।
यह सब देखकर ब्रज वासियों द्वारा भगवान श्री कृष्ण से इंद्र के प्रकोप से बचाने की बात कही भगवान श्री कृष्ण लीला की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठा लिया इसके नीचे सभी ब्रज वासियों ने इंद्र के प्रकोप से बचने के लिए शरण ली भगवान श्री कृष्ण ने लगातार 7 दिन और 7 रात अपनी अंगुली पर उठा कर रखा था। तब जाकर इंद्रदेव को अपनी गलती समझ आई तब इंद्रदेव ने भगवान श्रीकृष्ण से माफी मांगी तभी से गोवर्धन की पूजा की जाती है।
दीपावली के अगले दिन मनाए जाने वाले गोवर्धन पर्व पर ब्रज में देश-विदेश से श्रद्धालु पूजा पूजा अर्चना करने आ रहे हैं। आज के दिन ब्रज में श्रद्धालुओं द्वारा गाय का पूजन भी किया जाता है।
विदेशी भक्तों से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि आज बड़ी सौभाग्य का दिन है। गिर्राज जी की नगरी में हम लोग आए हैं उन्हें फल, फूल, दूध और मिठाइयां अर्पित की गई हैं। बड़ा ही आनंद आ रहा है और हरी नाम संकीर्तन में जो आनंद की प्राप्ति होती है वह अपने आप में अलौकिक और अद्भुत होती है। आज ही के दिन भगवान श्री कष्ण ने राधेमय होकर गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाया था।
गोवर्धन पूजा के अवसर पर गिरिराज तलहटी में जहां हजारों श्रद्धालु पहुंचे। वहीं अपनी अपनी समर्थ के अनुसार श्रद्धालुओं ने गिरिराज महाराज की पूजा अर्चना की। श्रद्धा का एक विशाल जन सैलाब गिरिरज जी में गोवर्धन पूजा के दिन देखने को मिला। नाचते गाते और श्रीकृष्ण की भक्ति में श्रद्धालु मग्न होकर राधे और कृष्णमय दिखाई दिए।

