नई दिल्ली। मंकीपॉक्स से नाइजीरिया में एक मौत हो चुकी है। विश्व में मंकीपॉक्स से यह पहली मौत है। इसकी पुष्टि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की है।विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार नाइजीरिया में मंकीपॉक्स से पहली मौत का मामला सामने आया है। मंगलवार को देर रात जारी की गई रिपोर्ट में कहा है कि दुनिया में 50 देशों में मंकीपॉक्स के अब तक 3413 मामले सामने आए हैं। इनमें से 41 नाइजीरिया में संक्रमित हैं।
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नाइजीरिया में मंकीपाक्स संक्रमित की मौत के बाद भारत में अलर्ट जारी कर दिया गया है। हालांकि देश के लिए ये राहत की बात है कि कयहां पर अभी तक मंकीपॉक्स का एक भी मरीज नहीं मिला है। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित करीब सात राज्यों से जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे सैंपल में एक भी पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं मिली। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक 17 से 22 जून के बीच नए आठ देशों में मंकीपाक्स के 1310 मामले आ चुके हैं।
देश में बीते माह स्वास्थ्य मंत्रालय ने संदिग्ध सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराने के आदेश दिए थे। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) की लैब में भेजे गए सैंपल की गहनता से जांच के लिए कहा गया था। गत एक मई से 23 जून के बीच लैब में 16 सैंपल की जांच हुई है। इनमें से एक में भी मंकीपॉक्स की पुष्टि नहीं हुई है।
एनआईवी निदेशक डॉ. प्रिया ने बताया कि दो हफ्ते में आठ सैंपल जांच के लिए आए। लेकिन सभी फेल हो गए। किसी भी सैंपल में संक्रमित होने का संदेह होने के लिए बीते 21 दिन में उनकी यात्रा विवरण होना जरूरी है। इसके अलावा बुखार, सूजन, शरीर में दर्द,सिरदर्द, गहरी कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हो तो उसे तत्काल अपनी जांच करानी चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार इस समय मंकीपाक्स के मामलों में स्पेन में 520, ब्रिटेन में 793, नीदरलैंड में 167, पुर्तगाल में 317, फ्रांस में 277, जर्मनी में 521, कनाडा में 210, अमेरिका में 147 बेल्जियम में 77, इटली में 85 और स्विट्जरलैंड में 46 मरीज हैं। इन देशों में मंकीपॉक्स के मामले बढ़ रहे हैं।

