नई दिल्ली। देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कोरोना की संक्रमण दर अब बढ़कर 13.89 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
दिल्ली में कोरोना के एक्टिव केस 506 हैं। जिनमें 452 होम आइसोलेशन व 54 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों में 17 आईसीयू में गंभीर हालत में हैं।
कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धि
कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। बुधवार को दिल्ली में कोरोना के 300 से अधिक मामले आए हैं। कोरोना से दो लोगों ने दम तोड़ दिया। राजधानी में कोरोना के एक्टिव केस 506 हैं। इनमें से 452 होम आइसोलेशन व 54 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। 21 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। तीन मरीज वेंटिलेटर पर हैं।

अस्पताल हाई अलर्ट पर
इससे पहले दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजधानी के अस्पताल हाई अलर्ट पर रखा है। कोरोना मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग से वार्ड आरक्षित किए गए हैं। साथ ही, इनमें आईसीयू बेड, वेंटिलेटर के साथ ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने प्लांट के संचालन पर नजर रखी जा रही है।

कोरोना के मामले से निपटने के लिए तैयार
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कोरोना के किसी भी मामले से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह से तैयार है। फिलहाल अभी ऐसी कोई गंभीर स्थिति नहीं है। अस्पतालों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दो वार्ड आरक्षित किए हैं। इनमें से एक वार्ड में कोरोना मरीजों के लिए रखा है। जबकि दूसरे वार्ड में कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के लिए है। इन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी तो उन्हें दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

वेंटिलेटर व आईसीयू की सुविधा भी उपलब्ध
इन दोनों वार्ड में 28-28 बेड की सुविधा है। इसके अलावा जरूरत के आधार पर वेंटिलेटर व आईसीयू की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। लोकनायक अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए 450 बेड की सुविधा है। इनमें आईसीयू सहित अन्य व्यवस्था की गई है। अस्पताल में अभी केवल एक गंभीर मरीज वेंटिलेटर पर भर्ती है।
एम्स, सफदरजंग, जीटीबी, लेडी हार्डिंग, DDU सहित अन्य अस्पताल भी अपने स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। वहीं मेरठ में भी कोरोना की स्थिति खराब हो रही है। मेरठ में कोरोना के 8 मरीज अब तक मिल चुके है। हालांकि सभी का इलाज होम आइसोलेशन में हो रहा है। मेरठ में अभी तक कोरोना का कोई मरीज गंभीर हालात में नहीं है।

