- कहा, चुनाव आयोग का हर फैसला मानेगी भाजपा
नई दिल्ली। देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्राॅन के बढ़ते केसों को देखते हुए अगले साल देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में संक्रमण और बढ़ने का अंदेशा गहरा गया है। इन पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियां लगातार रैलियों-सभाओं का आयोजन कर रही है। इनमें जुड़ने वाली लाखों की भीड़ से कोरोना संक्रमण बढ़ने की आशंका सभी को डरा रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट भी पीएम और चुनाव आयोग से उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव को हटानेे के लिए अपील कर चुका है। चुनाव आयोग भी सभी राजनीतिक दलों के साथ विधानसभा चुनाव संपन्न कराए जाने को लेकर मंथन कर रहा है।
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इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव प्रचार के लिए वर्चुअल रैली करने के लिए तैयार होने का ऐलान किया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा की चुनाव प्रचार के लिए होने वाली रैली को लेकर चुनाव आयोग हमें जो भी दिशा-निर्देश देगा उसका पालन करने के लिए हम तैयार हैं। शेखावत ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल चुनाव में भी वर्चुअल चुनावी रैलियां की थीं। ऐसे में हमें इस निर्णय से भी कोई परेशानी नहीं है। चुनाव कैसे, कब और किन नीतियों और पाबंदियों के साथ होगा यह फैसला चुनाव आयोग को करना है।
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इलाहबाद हाईकोर्ट ने कोरोना के खतरे से चेताया था
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हो रही चुनावी रैलियों में लाखों लोगों की भीड़ जुट रही है जिनमें सोशल डिस्टेंसिंग या मास्क पहनने जैसी कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करना असंभव सा ही है। कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश में चुनावी रैलियों से कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। पिछले सप्ताह इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को कुछ समय के लिए स्थगित करने और चुनावी सभाओं पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह भी चेताया कि अगर रैलियों को नहीं रोका गया तो इसके परिणाम कोरोना की दूसरी लहर से भी बदतर हो जाएंगे।

