कश्मीर में जारी टारगेट किलिंग विशेषकर कश्मीरी पंडितों की आतंकियों द्वारा जारी हत्याओं पर नेशनल कान्फेरेन्स के नेता फारूक अब्दुल्लाह ने बड़ा बयान दिया है. जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्लाह ने कहा कि लक्षित हत्याओं की घटनाएं तब तक नहीं रुकेंगी जब तक न्याय नहीं मिल जाता। फारूक अब्दुल्लाह ने सवाल किया कि भाजपा पहले कहती थी कि कश्मीरी पंडितों की हत्याएं अनुच्छेद 370 के कारण हो रही हैं लेकिन अब तो इसे निरस्त हुए काफी समय बीत गया है फिर ऐसी हत्याएं क्यों जारी हैं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
गौरतलब है कि बीते शनिवार को आतंकियों ने कश्मीरी पंडित पूरन कृष्ण भट्ट की शोपियां की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आतंकियों की गोलीबारी में बुरी घायल हुए पूरन कृष्ण भट्ट ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था. इस हत्या पर भाजपा जम्मू-कश्मीर के चीफ रविंदर रैना ने शनिवार को कहा था कि साजिश रचने वालों को धूल चटा दी जाएगी। उन्होंने इन हत्याओं के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि पाकिस्तान और आतंकियों की सारी साज़िशों को नाकाम कर दिया जायेगा। आतंकियों को एक कश्मीरी पंडित को निशाना बनाने का खामियाजा भुगतना होगा।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक पूरन कृष्ण भट्ट की हटाया की ज़िम्मेदारी आतंकवादी संगठन ‘कश्मीर स्वतंत्रता सेनानियों’ ने ली है। वहीँ एक और कश्मीरी पंडित की हत्या से इस समुदाय में एकबार उबाल आ गया है. घटना के बाद कश्मीर कई जगह पर कश्मीरी पंडितों के संगठनों विरोध प्रदर्शन किये। कश्मीरी पंडितों का कहना है कि वह सरकारी नीतियों की भेंट चढ़ाये जा रहे हैं, उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है. कश्मीरी पंडित घाटी को छोड़ना चाहते है लेकिन सरकार ऐसा करने से रोक रही है. इन लोगों का कहना है कि सरकार हमें तो कश्मीर से निकलने रोक रही है लेकिन हमारी सुरक्षा करने में नाकाम रही है. हम लोग कब तक इस तरह आतंकियों के हाथों मारे जाते रहेंगे.

