- किसानों के समर्थन में अनेक सामाजिक संगठन भी आये आगे
न्यूज़ डेस्क: केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के विरोध में आज किसानों ने भारत बंद का ऐलान किया था! किसान संगठनों के संयुक्त् किसान मोर्चा के आह्वान पर आयोजित बंद को राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया था। भारत बंद के दौरान दिल्ली से सटी सीमाओं पर किसानों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। किसानों के विरोध के चलते दिल्लीा की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। अनेक राज्यों में किसानों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन कर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग दोहराई। खासकर हरियाणा, पंजाब और पश्चिम उत्तार प्रदेश में भारत बंद के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। अनेक जगहों पर प्रदर्शनकारी किसानों ने राजमार्ग और प्रमुख सड़कों को जाम कर दिया। कुछ जगहों पर किसान रेल की पटरी पर भी धरना देकर बैठ गये जिससे रेल यातायात प्रभावित हुआ।
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केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तावित तीनों कृषि कानूनों का किसान जोरदार विरोध कर रहे हैं। तीनों कृषि कानूनों पर राष्ट्रिपत की मुहर लगने के एक साल और किसान विरोध के 10 महीने पूरे होने पर 40 अधिक किसान संगठनों के निकाय संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आज भारत बंद का आह्वान किया गया था। भारत के अनेक राज्यों में भारत बंद का खासा असर देखा गया। खासकर दिल्ली से सटी सीमाओं पर किसानों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। गाजीपुर, सिंधु बार्डर, शंभू बॉर्डर पर जूते किसानों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग दोहराई। वहीं किसानों द्वारा रेल ट्रैक पर कब्जार किये जाने के कारण दिल्लीु-अंबाला रूट की कई ट्रेनों को रद भी करना पड़ा।
भारत बंद के दौरान सिंधु बार्डर पर एक किसान की मौत हो जाने से कुछ समय के लिये खलबली मच गयी। बाद में दिल्लील पुलिस ने बताया कि हार्ट अटैक आ जाने के कारण किसान की मौत हुई है।
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किसानों के भारत बंद के चलते आज दिल्ली की ओर जाने वाली रास्तों पर जाम लगा रहा। राजमार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी दिखाई दीं। ऐसे में पुलिस द्वारा बनाई गई व्यवस्था भी कामयाब होती नहीं दिखी। हालांकि दोपहर के बाद यातायात में थोड़ा सुधार आ गया और लोगों को जाम से मुक्ति मिली। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा प्रस्तावित भारत बंद को अनेक राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया था। इन राजनीतिक दलों और संगठनों ने भी अपने स्तिर पर विरोध प्रकट किया। किसानों के भारत बंद को कांग्रेस, आरजेडी,आम आदमी पार्टी, बसपा, सपा और लेफ्ट पार्टियों ने अपना समर्थन दिया था।

