93 हजार छापे और 12 हजार केंस दर्ज करने के बाद भी नहीं रूका जहरीली शराब से मौत का सिलसिला

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93 हजार छापे और 12 हजार केंस दर्ज करने के बाद भी नहीं रूका जहरीली शराब से मौत का सिलसिला

मेरठ। चुनाव हो या फिर कोई त्यौहार। सभी में जहरीली शराब की बिक्री रोकने के बड़े बड़े दांवे किए जाते हैं लेकिन हर बार की तरह दावों पर जहरीली शराब के सौदागर भारी पड़ते हैं। जिसका नतीजा गरीब की मौत के रूप में सामने आता है। जहां पर बाद में सिर्फ सिसकिया और सरकारी मुआवजे के चंद रूपयों के सहारे पूरी जिंदगी काटने के अलावा कुछ नहीं होता। बता दें कि जहरीली शराब का सबसे अधिक शिकार समाज के निचले तबके के लोग ही होते हैं। वो लोग जो गरीब होते हैंं और थोड़े से शौक के लालच में आकर अपनी जिंदगी गंवा बैठते हैं। इस बार भी चुनाव में जहरीली शराब की ब्रिकी को रोकने के लिए आबकारी विभाग द्वारा बड़े बड़े वादे किए गए थे। लेकिन जब आजमगढ़ में जहरीली शराब से गरीब लोगों की मौत हुई तो ये तमाम दावों खोखले साबित हुए। आबकारी विभाग जहरीली शराब से होने वाली मौतों को रोकने में नाकाम साबित हुआ है। विधानसभा चुनाव के शुरूआती दौर में ताबड़तोड़ छापेमारी की कार्रवाई के बाद हालात पहले जैसे ही हैं। इस पर जहरीली शराब की इन दो बड़ी घटनाओं ने जनमानस को झकझोर दिया। पहली घटना रायबरेली जिले की हैं और दूसरी गत रविवार को आजमगढ़ में हुई। जहां पर जहरीली शराब के सेवन से 10 लोगों की मौत हो गई।

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वहीं कई की हालत नाजुक है। प्रदेश में जहरीली शराब को लेकर अब तक हुई कार्रवाई में 93 हजार छापे आबकारी और पुलिस विभाग द्वारा लगाए जा चुके हैं। जिसमें 12 हजार मामले दर्ज करते हुए 3700 लोगों को गिरफ्तारी किया जा चुका है। इन सब के बावजूद भी जहरीली शराब की बिक्री का धंधा बेखौफ जारी है। आबकारी की प्रवर्तन टीम ने आचार संहिता लागू होने के बाद से 93 हजार छापेमार कार्रवाई की है। जिसमें 12 हजार केस दर्ज किए हैं। इस दौरान छापेमारी में 7 लाख लीटर अवैध शराब बरामद हुई और 100 से अधिक वाहन जब्त कर चुकी है। इतना ही नहीं प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई हजार कुंतल लहन नष्ट की जा चुकी है। इतना सब कुछ करने के बाद भी जहरीली शराब बनाने का धंधा नहीं रूका है। प्रदेश में आचार संहिता लगते ही गत 27 जनवरी को रायबरेली में जहरीली शराब से 12 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद अब रविवार 20 फरवरी को यानी एक महीने के भीतर ही आजमगढ़ में जहरीली शराब से जुड़ा दूसरा बड़ा मामला सामने आया है। जहां पर 10 लोगों की मौत हुई।

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