कल संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर लोकसभा सचिवालय एक्शन में आया है चूक के ज़िम्मेदार सातों कर्मचारियों को ससपेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही सुरक्षा उल्लंघन की घटना के बाद संसद में सुरक्षा बढ़ा दी गई। अब सिर्फ मकर द्वार से सिर्फ सांसदों को ही नए संसद भवन में प्रवेश की इजाज़त है. संसद भवन में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों के अब जूते उतरवाकर गहन जांच की जा रही है। कल संसद में हंगामा करने वाले युवक अपने जूतों में ही स्मोक बम छुपा कर ले गए थे.
बता दें कि कल लोकसभा में शून्यकाल की कार्यवाही के समय सदन में उस समय अचानक अफरा-तफरी मच गयी जब दर्शक दीर्घा से 2 युवक सदन में कूड़े और सदन की मेज़ों पर कूद फांद करने लगे, सदन में मौजूद सांसदों द्वारा जब उन्हें पकड़ने का प्रयास किया गया तो उन्होंने अपने जूतों से कुछ निकालने की कोशिश की, उन्हें ऐसा करते देख सांसद भी पीछे हटे, बाद में युवकों ने स्मोक बम को फोड़ा जिसमें से पीला धुआं निकलने लगा और चारों तरफ फ़ैल गया. बाद में सांसदों ने उन दोनों को पकड़कर पहले तो जमकर चुनाई की और बाद में सुरक्षा कर्मियों को सौंप दिया।
उस समय सदन की कार्यवाही का संचालन पीठासीन सभापति राजेन्द्र अग्रवाल कर रहे थे जिन्होंने लोकसभा की कार्यवाही को फौरन रोककर सदन को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया था। बता दें कि लोकसभा की सुरक्षा में चूक की यह बड़ी घटना उसी दिन हुई है जब 22 वर्ष पहले देश लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर संसद भवन पर आतंकी हमला हुआ था. सदन में उस समय शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को याद किया जा रहा था।

