चुनाव 2022: कैसे होगा वर्चुअल प्रचार, मोबाइल से दूरी बना रहे बड़े नेता, जानिये क्या है दिलचस्प मामला

विधानसभा चुनावचुनाव 2022: कैसे होगा वर्चुअल प्रचार, मोबाइल से दूरी बना रहे बड़े...

Date:


चुनाव 2022: कैसे होगा वर्चुअल प्रचार, मोबाइल से दूरी बना रहे बड़े नेता, जानिये क्या है दिलचस्प मामला

लखनऊ। चुनाव 2022 – कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों की रैलियों पर रोक लगा दी है। अब उनके सामने वर्चुअल प्रचार करने की चुनौती है। ऐसे में मोबाइल इस प्रचार-प्रसार का सबसे बड़ा माध्यम हो गया है। ऐसे में कोई यह कहे कि मोबाइल राज नेताओं का दुश्मन है तो यह चौंकाने वाला मामला है। लेकिन लखनऊ में राजनीतिक दलों के व्यवहार को देखकर ऐसा ही लग रहा है। सपा, सुभासपा समेत कई राजनीतिक दलों ने मोबाइल के साथ कार्यालय में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि कहीं कोई ऐसी वीडियो बनाकर पार्टी कार्यालय से ना वायरल कर दे जिससे कि लेनी की देनी पड़ जाए। इसके पीछे कुछ राजनेताओं के वायरल ऑडियो और वीडियो को वजहें माना जा रहा है।

Read also: नाम लिखाओ, 300 यूनिट फ्री बिजली पाओ अभियान के बहाने प्रचार-प्रसार करेंगे समाजवादी

समाजवादी पार्टी में अब तक नियम यह था कि जब तक पार्टी कार्यालय के अंदर अखिलेश यादव रहेंगे तब तक कोई भी मोबाइल के साथ कैंपस के अंदर नहीं जा सकता था। अगर मोबाइल के साथ प्रवेश करना है तो उसके लिए परमीशन लेनी पड़ती थी। लेकिन इस बीच टिकट दावेदारों की भीड़ सपा कार्यालय पर रोज उमड़ रही है। इसको देखते हुए ऑल टाइम पार्टी कार्यालय के अंदर मोबाइल के साथ प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मीडिया को भी एंट्री नहीं दी जा रही है। अगर कोई कार्यक्रम है तभी उन्हें अंदर जाने दिया जा रहा है, अन्यथा कैमरे और मोबाइल के साथ एंट्री पर रोक लगा दी गई है। सूत्रों का मानना है कि टिकट बंटवारे को लेकर लगातार असंतोष उपजता जा रहा है। ऐसे में कार्यालय के अंदर कई प्रकार की सुगबुगाहट हो रहीं हैं, ऐसे में पार्टी नहीं चाहती है कि कार्यालय के अंदर से कोई ऐसी बात या ऑडियो-वीडियो लीक हो, जो पार्टी की सेहत के लिए नुकसान कर जाए। 2017 में पार्टी कार्यालय के अंदर एक विवाद हो गया था, जिसके बाद से मोबाइल को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

कार्यकर्ता परेशान

कार्यकर्ताओं ने बताया कि पहले तो भैया जब अंदर रहते थे तो मोबाइल लेकर नहीं जाने दिया जाता था, अब तो वो कहीं बाहर जा रहे हैं, तब भी मोबाइल पर रोक लगा दी गई है। अंदर जाओ को दुनिया से आपको कटना पड़ जा रहा है। कोई जरुरत पड़ गई तो बाहर आना पड़ता है। इसके अलावा मोबाइल रखने के लिए एक अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ रही है।

राजभर ने भी लगाई रोक

कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए ऑफिस का दरबार हमेशा खुला रखने वाले सुभासपा के मुखिया ओम प्रकाश राजभर भी सचेत हो गए हैं। उन्होंने अपने मिलने वालों को निर्देश दे दिया है कि कोई भी बात करनी हो तो मोबाइल रखकर आइए। जबकि कुछ दिन पहले तक ऐसा नहीं था। इसके पीछे एक वजह यह मानी जा रही है कि ओम प्रकाश राजभर की जुबान अपनों से बात करने के दौरान कभी भी फिसल जाती है। हाल ही में उनका एक वीडियो भी वायरल हो गया था, जिसमें वह सवर्ण जाति के लोगों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। इसको देखते हुए उन्होंने भी मोबाइल पर रोक लगा दी है।

Read also: योगी सरकार के मंत्री धर्म सिंह सैनी अखिलेश से मिलने पहुंचे

भाजपा सरकार की मंत्री का ऑडियो हो चुका है वायरल

हाल ही में यूपी की योगी सरकार की मंत्री स्वाती सिंह का एक ऑडियो वायरल हुआ है। जिसके बाद बीजेपी विपक्ष के निशाने पर आ गई है। विपक्ष को बैठे बिठाये एक मुद्दा मिल गया है। इसका जवाब उन्हें नहीं सूझ रहा है। इस ऑडियो में मंत्री स्वाती सिंह अपने पति दयाशंकर सिंह पर मारपीट का आरोप लगा रहीं हैं। ऐसे में बीजेपी तब बेटियों को सुरक्षा देने का दावा कर रही हो और उनकी मंत्री खुद स्वीकार कर रहीं हैं वह घरेलू हिंसा का शिकार हैं। इतना ही नहीं हिंसा करने वाला बीजेपी का प्रदेश उपाध्यक्ष है तो यह प्रश्न और गंभीर हो जाता है। इन सारे मामलों को देखते हुए ही सभी पार्टियां अब मोबाइल को लेकर विशेष सतर्क हो गईं हैं।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related