सुप्रीम कोर्ट ने हाल में ही एक बड़ा फैसला दिया है, जहाँ उसने फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) को नये फार्मेसी कालेजों के आवेदन लेने को कहा है। जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने उन संस्थानों के आवेदनों को लेने को कहा है जो PCI की रोक के खिलाफ दिल्ली और कर्नाटक के उच्च न्यायालय गये थे। वहीं देश में बढ़ते फार्मेसी कालेजों पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है, जहाँ इस पर बोलते हुये उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा व्यवसाय बन गयी है।
जहाँ अब शिक्षा के क्षेत्र में बड़े-बड़े व्यापारिक घराने भी कूद गये हैं, जहाँ मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में मोटी फीस लगने के कारण, भारत के छात्रों को यूक्रेन जैसे देशों में जाकर अपनी पढ़ाई पूरी करनी पड़ती है, क्योंकि वहाँ मेडिकल एजुकेशन बहुत सस्ता है। वहीं अब इस मामले पर अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी, जहाँ अभी केवल अंतरिम आदेश से ही इस आदेश को लागू किया गया है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इस पर बोलते हुये कहा कि हम इस आदेश के माध्यम से फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को उन आवेदकों के लिये, जो उच्च न्यायालय के समक्ष याचीकर्ता थे, उनके आवेदन को स्वीकार करने और संशोधित करने का निर्देश देते हैं। इसके साथ ही अंतिम निर्णय तक अनुमोदन या अस्वीकृती पर स्वयं से कोई निर्णय नहीं लिया जायेगा। बता दें कि PCI द्वारा फार्मेसी कालेजों की अंधाधुंध भीड़ बढ़ने के कारण यह निर्णय लिया गया था, जहाँ कॉलेजों की मान्यता पर स्थगन जारी कर दिया गया था।

