नई दिल्ली। कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेसी सांसद राहुल गांधी पर ‘ईडी’ का शिकंजा और कस गया है। कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष से तीन बार पूछताछ हुई है। इससे पहले राहुल गांधी को कई दिन तक ईडी के सवालों की बौछार झेलनी पड़ गई थी। दोनों नेता ईडी के सवालों की बौछार नहीं झेल सके थे। वहीं विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों को खास मकसद से उनके पीछे छोड़ रही है। विरोधी दल के नेताओं को निशाने पर लेकर जांच एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है। भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट में लिखा कि पीएमएलए को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पी.चिदंबरम व अन्य नेताओं के लिए अब चिकन खुद फ्राई होने के लिए आने जैसा है।
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पी. चिदंबरम ने यूपीए सरकार के कार्यकाल में ईडी को ऐसी शक्तियां प्रदान की थीं। अब कांग्रेस पार्टी के नेता ईडी और चिकन फ्राई की केमिस्ट्री में फंसे हुए हैं। भाजपा अपने एक दांव से कांग्रेस पार्टी को रणनीति बदलने के लिए बाध्य किया है। कांग्रेस नेता सांसद राहुल और सोनिया की पेशी के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे थे। भाजपा का कहना है कि सब एक परिवार को बचाने के लिए किया जा रहा है। इसके बाद कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन में महंगाई के अलावा जीएसटी और सदन में बोलने नहीं देना जैसे मुद्दों को उठा लिया। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी सांसदों और दूसरे नेताओं को गिरफ्तार कर दिल्ली पुलिस कहीं ले गई है। जयराम रमेश ने कहा है कि ये तीसरा दिन है। विजय चौक पर कानून का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से कांग्रेसी प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस सांसदों को भगवान जाने कहां ले जाया गया है। ऐसा करके देश में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।

