Election Commission Of India: चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी को पीएम मोदी पर विवादित बयान को लेकर नोटिस जारी किया है। कल तक राहुल गांधी से नोटिस पर जवाब मांगा है। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की जनसभाओं में राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लेकर जो विवादित बयान दिया है उससे सियासत गरमा गई है। राजस्थान चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जिन विवादित बयानों पर नोटिस जारी की गई है उनमें पीएम मोदी को ‘पनौती’ और ‘जेबकतरे’ कहने के मामले में 25 नवंबर तक जवाब देने को कहा है। जनसभा के दौरान राहुल गांधी ने ये कहा? कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था- पीएम का मतलब है, पनौती मोदी। उन्होंने विश्व कप के फाइनल मैच का जिक्र करते हुए कहा था कि हमारे खिलाड़ी अच्छा खासा वर्ल्ड कप जीत रहे थे। लेकिन, पनौती मोदी ने हरवा दिया। इसके अलावा जिस जेबकतरे वाले तंज पर नोटिस जारी किया गया है उसकी कहानी राहुल गांधी लगभग हर सभा में सुना रहे हैं।
भटकने वाले PM मोदी, जेब काटने वाले अदाणी, लाठी मारने वाले अमित शाह
राहुल गांधी कहते हैं- ‘जेब काटने के लिए तीन लोग आते हैं। एक जेब कतरा ध्यान भटकाने की कोशिश करता है। दूसरा पीछे से अकार जेब काटता है। तीसरा खड़ा होकर देखता रहता है और आक्रमण करने की फिराक में रहता है। जेब कतरे की तरह ध्यान भटकने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। जेब काटने वाले अदाणी है और लाठी मारने वाले अमित शाह हैं। भाजपा ने चुनाव आयोग में की थी शिकायत राहुल गांधी ने पीएम मोदी को पनौती कहा तो भाजपा, कांग्रेस पर हमलावर हो गई। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी को राष्ट्रीय शर्म कहा
मप्र के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी को राष्ट्रीय शर्म कहा था। भाजपा ने मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की थी। खरगे बोले- उन्हें भेजने दीजिए, हम जवाब दे देंगे चुनाव आयोग द्वारा राहुल गांधी को दिए नोटिस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि “उन्हें नोटिस भेजने दीजिए, हम इसका जवाब देंगे। यह बड़ी बात नहीं है। ऐसी कोई गंभीर टिप्पणी नहीं की है। चुनाव चल रहा इसलिए हाइप क्रिएट किया जा रहा है। हम नोटिस का जवाब तय समय में देंगे। जिस तरह से चुनाव में डराने की कोशिश की जा रही हैं वो ठीक नहीं। चुनाव के बीच डराने के लिए ईडी और सीबीआई का उपयोग किया जा रहा है।

