मास्क और सैनिटाइजर के साथ दी परीक्षा
मेरठ। रविवार को बीएड प्रवेश परीक्षा सभी केन्द्रों में शांतिपूर्ण सपन्न हो गई। पहली पाली में मेरठ में 20 फीसदी स्टूडेंट ने परीक्षा छोड़ दी है। वहीं दूसरी पाली में भी कोरोना संक्रमण के चलते अनुपस्थिति बढ़ी है। परीक्षा के बीच में किसी भी छात्र को केंद्र से बाहर आने की अनुमति नहीं है। स्टूडेंट अंदर कमरों में ही रहे। मेरठ में दोनों ही पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण रही। मेरठ जिले के 44 सेंटरों पर 18800 अभ्यार्थी रविवार को बीएड प्रवेश परीक्षा दी।
प्रतिबंध के बीच हो रहे इस एंट्रेंस में स्टूडेंट और परिजन निजी वाहनों से केंद्रों तक पहुंचे। मास्क और सैनिटाइजर साथ लाने के निदेर्शों के बावजूद कुछ स्टूडेंट मास्क लगाकर नहीं पहुंचे। सभी केंद्रों पर ऐसे स्टूडेंट के लिए मास्क दिए गए। एडमिट कार्ड की फोटोकॉपी लेकर नहीं पहुंचने से कई परीक्षार्थियों को चक्कर काटने पड़े। हालांकि कुछ केंद्रों के आसपास फोटो स्टेट की दुकानें देरी से खुलीं।
वहीं अभ्यार्थियों और अभिभावकों पर कोरोना के खौफ साफ दिखाई दिया। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यार्थियों और शिक्षकों ने एक-दूसरे से सोशल डिस्टेंस बनाकर रखा। वहीं परीक्षार्थी भी एक दूसरे से दूरी बनाते दिखाई दिए।

परीक्षा के नोडल को-आर्डिनेटर और सीसीएस यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पीके मिश्रा ने बताया कि परीक्षा के लिए 22 केन्द्र प्रतिनिधि बनाये गये हैं। परीक्षा 02 पारियों में हुई। उन्होंने बताया कि प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था है। परीक्षा केंद्रों में थर्मल स्कैनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। एडीएम सिटी अजय तिवारी ने बताया कि परीक्षा के लिए 17 सैक्टर मजिस्ट्रेट व 44 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
इसके साथ ही 8 सैक्टर मजिस्ट्रेट व 10 स्टेटिक मजिस्ट्रेट रिजर्व में रखे गये हैं। उन्होंने सभी सैक्टर मजिस्ट्रेट ने गत शनिवार को ही केन्द्र पर जाकर व्यवस्थाएं की तैयारियों को चेक किया था। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थी को सीधे परीक्षा कक्ष में भेजा जा रहा है। परीक्षा के दौरान सोशल डिस्टेनसिंग को ध्यान में रखते हुये सभी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिये गये थे तथा सैनेटाईजर, थर्मल स्कैनिंग व मॉस्क की व्यवस्था दुरूस्त पूर्व में ही कर ली गई थी।

