छह माह पूर्व युवक की हत्या में पैरवी न करने पर जतायी नाराजगी
मेरठ। दिल्ली-देहरादून हाइवे स्थित सिवाया टोल प्लाजा पर आज भाकियू कार्यकतार्ओं ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान कार्यकतार्ओं ने टोल पर कब्जा कर लिया और टोल को फ्री कर दिया।
भाकियू कार्यकतार्ओं का करीब 3 घंटे तक टोल पर कब्जा रहा और वाहन बिना टोल दिए टोल प्लाजा से गुजरते रहे। इस दौरान टोल अधिकारियों और भाकियू नेता की गर्मागर्म बहस भी हुई।
कार्यकतार्ओं के उग्र रूख को भांपते हुए टोल अधिकारियों ने चुप रहने में ही भलाई समझी और वापस लौट गए। भाकियू द्वारा टोल कब्जाने की सूचना पर दौराला और पल्लवपुरम थाने का फोर्स मौके पर पहुंच गया। दोनों पक्षों की ओर से वार्ता के लिए पदाधिकारियों को बुलाया गया।
बता दे कि करीब छह महीने पहले टोल पर दुल्हैड़ा गांव निवासी युवक सोनू की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने टोल पर काम करने वाले तीन युवकों को जेल भेजा था। वहीं टोल के अधिकारियों ने उनके परिजनों को आश्वासन देते हुए कहा था कि इस मामले में टोल के कर्मचारी पैरवी करेंगे।
वहीं भारतीय किसान यूनियन के कार्यकतार्ओं व दादरी, अक्षौता और अलीपुर गांव के लोगों का आरोप है कि टोल के अधिकारी न तो कोई पैरवी कर रहे हैं और ना ही निर्दोष युवकों को जेल से छुटवा पाए। इसी को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता आज टोल पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।
इसके बाद कार्यकतार्ओं ने टोल को भी फ्री करवा दिया। सूचना मिलने पर दौराला और पल्लवपुरम थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारी कार्यकतार्ओं को समझाने के प्रयास में लगे रहे। फिलहाल दोनों के बीच वार्ता चल रही है। भाकियू कार्यकतार्ओं ने कहा कि जब तक उनको लिखित में आश्वासन नहीं मिलता वे टोल से नहीं हटेगे।

