हम बच्चाें के मन में अश्वेत के प्रति नफरत का बीज बो रहे है. इसे बुक्स से तुरंत हटाना चाहिए
दुनियाभर में अश्वेज जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद से नस्लीय भेदभाव को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. जॉर्ज को ह्यूस्टन शहर में उनकी मां के बगल में दफना दिया गया है. अमेेरिका में पुलिस वाले पर उनकी हत्या करने का मामला चल रहा है. इस घटना के विरोध में अमेरिका समेत कई देशों में नस्लभेद के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हो रहा है. नस्लभेद को लेकर अमेरिका से उठी आवाज अब भारत के पश्चिम बंगाल में पहुंच गई है. प्राइमरी स्कूल की किताब में अश्वेत लोगों को Ugly बताए जाने पर विवाद शुरू हो गया है.दरअसल,प्राइमरी स्कूल के एक किताब में यू अक्षर की व्याख्या Ugly शब्द से की गई है. इस शब्द के साथ एक अश्वेत शख्स की तस्वीर लगाई है. इस पर पेरेंट्स ने आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि यह सरासर गलत है.हम बच्चाें के मन में अश्वेत के प्रति नफरत का बीज बो रहे है. इसे बुक्स से तुरंत हटाना चाहिए.
बर्दवान जिले से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले से शुरू हुआ है. बर्दवान जिले के एक सरकारी सहायता प्राप्त म्युनिसिपल गर्ल्स हाई स्कूल में इस किताब के जरिए प्री-प्राइमरी क्लास के बच्चों को अंग्रेजी अल्फाबेट और शब्दों की पढ़ाई कराई जा रही है.विरोध कर रहे अभिभावकों में से एक सुदीप मजूमदार ने कहा कि मेरी बेटी म्युनिसिपल गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ती है. यह गलत है कि उसे अश्वेत इंसानों को ugly पढ़ाया जा रहा है. इस किताब को वापस लिया जाना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है तो बच्चों के मन में अश्वेत इंसानों के प्रति हीन भावना आएगी.
इस तरह की शिक्षा देना गलत
स्कूल प्राइमरी एजुकेशन के डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर स्वप्न कुमार दत्त ने कहा कि इस तरह की शिक्षा देना गलत है. यह सरकार की ओर से जारी की गई किताब नहीं है. मैं स्कूल से बात करूंगा और जरूरत पड़ेगी तो किताब को बदला जाएगा.

