नहीं थम रहा कोरोना का कहर, पर शहर की जनता गंभीर नहीं

उत्तर प्रदेशनहीं थम रहा कोरोना का कहर, पर शहर की जनता गंभीर नहीं

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नहीं थम रहा कोरोना का कहर, पर शहर की जनता गंभीर नहीं

सदर रविन्द्रपुरी के सील एरिया के नजदीक सड़क पर क्रिकेट खेलते नजर आये बच्चे व युवक

मेरठ। मेरठ में कोरोना वायरस और लॉकडाउन को लेकर शहर की जनता पहले दिन से ही गंभीर नहीं है। प्रशासन की हरसंभव कोशिश करने के बावजूद कोरोना का खतरा टलता नहीं दिख रहा है। शहर के अलग-अलग कोनों से जो तस्वीरें आ रही हैं उन्हें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर के लोग कोरोना जैसी महामारी को कितने हल्के में ले रहे हैं। गौरतलब है कि कोरोना से मेरठ में मौत का आंकड़ा 30 हो चुका है वहीं कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग 500 के नजदीक पहुंच चुकी है, ऐसे में भी लोग अब तक इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और आज जब सम्पूर्ण लॉकडाउन का दिन था आज के दिन भी सड़कों पर वाहनों की और लोगों की आवाजाही देखने को मिली।

वहीं सील एरिया में भी अब पुलिस की सख्ती कम ही नजर आ रही है। यही वजह है कि सील एरिया से लोग दूसरे इलाकों में जाते नजर आ रहे हैं, कई स्थान तो ऐसे हैं जहां पर पुलिस की मौजूदगी ना होने के चलते सील के बैरियर को ही तोड़ दिया गया है। ऐसा ही एक नजारा सदर क्षेत्र में देखने को मिला जहां पर रविन्द्रपुरी सील एरिया होने के बावजूद कुछ युवक और बड़ी संख्या में बच्चे पत्ते मौहल्ले के निकट बांके बिहारी दूध भण्डार से कुछ कदम की दूरी पर ही सड़क पर क्रिकेट खेलते नजर आये और अधिकांश के चेहरे पर मॉस्क तक नहीं था। ये हालात तब है जबकि सील एरिया पर पुलिस की तैनाती की बात कही जा रही है। अगर ऐसा है तो सम्पूर्ण लॉकडाउन के बावजूद लोगों को सड़क पर क्रिकेट खेलने की इजाजत किसने दी? वहीं बतातें चलें कि स्वास्थ्य विभाग ने भी कोरोना से बचाव के लिए खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को घरों में रहने की सलाह दी है, इसके बावजूद इस तरह सड़क पर बच्चों का बड़ी संख्या में वो भी बिना मास्क के क्रिकेट खेलना कोरोना महामारी को खुली दावत दे रहा है। 

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