- पीएम मोदी ने दी बकरीद की शुभकामनाएं,कहा- न्यायप्रिय समाज बनाने के लिए संकल्प
- 5 बजे सुबह से थी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी, न पहुंचने पर 36 हुए सस्पेंड
देशभर में शनिवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा है. दिल्ली स्थित जामा मस्जिद में लोगों ने शनिवार सुबह नमाज अदा की. दिल्ली की जामा मस्जिद में सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर नमाज अदा की गई.कोरोना संकट के चलते जामा मस्जिद में नमाज अदा करने आए लोगों से बार बार मस्जिद प्रसाशन ने दूरी बना कर नमाज अदा करने की अपील की. जामा मस्जिद में तैनात पुलिसकर्मियों ने थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद ही लोगों को मस्जिद में प्रवेश दिया.दिल्ली में बकरीद के मौके पर पुलिस ने किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं.पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सुबह पांच बजे से ही लगा दी गई थी. हालांकि इतनी सख्ती के बाद भी 36 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे जिसकी वजह से उन्हें निलंबित कर दिया गया.प्रधानमंत्री ने इस मौके पर ट्वीट करते हुए कहा कि वे उम्मीद जताते हैं कि ये पावन त्योहार हमें एक न्यायपूर्ण, सौहार्दपूर्ण मधुर और समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे उम्मीद जताते हैं कि बकरीद का ये मौका हमारे बीच भाईचारे और करुणा की भावना को और भी बढ़ाएगा.यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बकरीद की बधाई देते हुए कहा कि देश के सभी भाई-बहनों को ईद-अल-अजहा यानी कि बकरीद की दिली मुबारकबाद और शुभकामनाएं. कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण यह त्योहार भी सादगी से घर पर ही मनाएं ताकि आप सभी लोग कोरोना महामारी से सुरक्षित रहें तथा इस मौके पर गरीबों व जरूरतमन्दों की मदद करना न भूलें.समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी ईद उल अजहा की शुभकामनाएं देशवासियों को दी है.
कहीं-कहीं सोशल डिस्टेंसिंग मेन्टेन नहीं
हालांकि जामा मस्जिद में नमाज के दौरान मिलीजुली तस्वीरें देखने को मिलीं. कोरोना संकट में कुछ नमाजी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आए तो वहीं कुछ इसका उल्लंघन करते भी नजर आए. मस्जिद में आगे बैठे लोग तो दूरी बना कर नमाज अदा कर रहे थे. लेकिन पीछे बैठे लोग बेहद नजदीक बैठकर नमाज अदा करते दिखे.कुछ लोगों ने मस्जिद की सीढ़ियों पर बैठकर भी नमाज अदा की. नमाज के बाद लोग जल्दबाजी में एक दूसरे से सटकर बाहर निकलते दिखे. कई बिना मास्क के मस्जिद में घूमते नजर आए. हालांकि लोगों ने माना कि कहीं न कहीं कुछ लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया है. उनका ये भी कहना था कि ज्यादातर लोगों ने नियमों का पालन किया. देरी से पहुंचने पर कुछ से नियमों का उल्लंघन हुआ.
शीर खुरमा बनाने का रिवाज
बता दें कि ईद-उल फितर के बाद ईद-उल-अजहा यानी बकरीद मुसलमानों का दूसरा सबसे बड़ा पर्व है. दोनों ही मौके पर ईदगाह जाकर या मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाती है. ईद-उल फितर पर शीर खुरमा बनाने का रिवाज है, जबकि ईद-उल जुहा पर बकरे या दूसरे जानवरों की कुर्बानी दी जाती है.हालांकि इस साल कोरोना वायरस के संकट की वजह से स्थिति अलग है. इसलिए त्योहारों पर जमा होने वाली भीड़ पर भी सरकार पाबंदियां लगा रही है. लिहाजा ऐहतियात के साथ पूरे देश में बकरीद मनाई जा रही है.

