आरबीआई के इस नए प्रस्ताव से बैंकिंग इंडस्ट्री में आएगा बड़ा बदलाव

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आरबीआई के इस नए प्रस्ताव से बैंकिंग इंडस्ट्री में आएगा बड़ा बदलाव

आरबीआई कमेटी ने घरेलू बैंकिंग इंडस्ट्री को नया रूप देने का प्रस्ताव रखा है. इस प्रस्ताव के तहत गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां और प्रमुख पेमेंट बैंकों को लेंडर्स के तौर पर कार्य करने की मंजूरी मिलेगी. इसका मतलब यह हुआ कि वे बैंकों के तौर पर काम कर सकेंगे. एक इंवेस्टमेंट बैंकर ने अपनी पहचान गुप्त रखते हुए कहा कि बैंकिंग सेक्टर में आने के लिए बजाज ग्रुप, पीरामल ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज बेहतर स्थिति में हैं.

आरबीआई कमेटी ने प्रस्ताव रखा है कि बैंकिंग रेगुलेशंस में सुधार किया जाना चाहिए ताकि बड़े इंडस्ट्रियल हाउसेज बैंक प्रमोटर्स के तौर पर काम कर सके. इसका अर्थ यह हुआ कि वे बैंक में बडी़ हिस्सेदारी रख सकें. खास बात यह है कि आरबीआई इससे पहले बैंक में इस प्रकार की किसी भी बड़ी हिस्सेदारी के खिलाफ था.

वित्तीय सेवाओं के एक स्वतंत्र सलाहकार का कहना है कि बैंकिंग में कॉरपोरेट को मंजूरी देने का फैसला सावधानी से लिया जाना चाहिए. एनालिस्ट्स का कहना है कि यह कदम बैंकिंग सेक्टर में अधिक से अधिक पूंजी प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए लाया जा रहा है. इसके अलावा इससे बैंकिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी. हालांकि सभी का मानना है कि इससे निगरानी में समस्या आएगी.

बैंकिंग सेक्टर को कॉरपोरेट के लिए खोलने के कमेटी ने किसी बैंक में अधिकतम शेयरहोल्डिंग का भी सुझाव दिया है. इससे पहले जून में देश के निजी सेक्टर के बैंक के कॉरपोरेट स्ट्रक्चर और उनके ओनरशिप के दिशा-निर्देश को रिव्यू करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया था. इस कमेटी ने प्रस्ताव रखा था कि ऐसा कोई इंवेस्टर जो अभी तक किसी बैंक में स्टेकहोल्डर नहीं है या नॉन-प्रमोटर शेयरहोल्डर के लिए अधिकतम शेयरहोल्डिंग 15 फीसदी की होनी चाहिए. अभ आरबीआई कमेटी ने प्रस्ताव रखा है कि प्राइवेट बैंक में प्रमोटर्स 15 साल के 15 फीसदी की बजाय 26 फीसदी तक की हिस्सेदारी रख सकते हैं.

कमेटी ने शैडो बैंक को लेंडर्स के रूप में परिवर्तित करने का प्रस्ताव भी रखा है. प्रस्ताव के मुताबिक कोई गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) या शैडो बैंक जिसका एसेट 50 हजार करोड़ रुपये (675 करोड़ डॉलर) या इससे अधिक है, उन्हें बैंक के रूप में कंवर्ट किया जा सकता है. हालांकि इसके लिए उन्हें 10 साल तक एनबीएफसी या शैडो बैंक के तौर पर काम करना होगा. आरबीआई ने अपनी इस रिपोर्ट पर टिप्पणियां मंगाई है और इसे अगले साल 15 जनवरी तक सबमिट किया जा सकता है.

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