जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका लगा है। बाहुबली नेता धनंजय सिंह को अपहरण के मामले में मंगलवार को स्थानीय अदालत ने दोषी करार दिया। धनंजय सिंह को पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है, सजा पर सुनवाई बुधवार को होगी।
ये मामला 10 मई 2020 का है, तब लाइन बाजार थाने में नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल केअपहरण, रंगदारी और धमकी का मामला दर्ज हुआ था। धनंजय सिंह के साथ इस मामले में संतोष विक्रम को भी आरोपी बनाया गया था। संतोष विक्रम पर आरोप है कि वो अभिनव सिंघल का अपहरण करके धनंजय सिंह के घर ले गया था। इसके बाद पूर्व बाहुबली सांसद ने कनपटी पर पिस्टल लगाकर अभिनव सिंघल को गालियां दीं और उनपर घटिया क्वालिटी का मैटेरियल लगाने का दबाव बनाया। मामले में धनंजय सिंह को गिरफ्तार भी किया गया था।
बता दें कि धनंजय सिंह को पूर्वांचल का माफिया डॉन और बाहुबली राजनेता कहा जाता है। 2002- 2007 और 2007-2009 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बाहुबली धनंजय ने जौनपुर जिले के रारी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। 2009 में धनंजय ने बसपा के टिकट पर जौनपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और कामयाबी हासिल की। इस बार भी वो चुनाव लड़ने का मन बना चुके थे, इंतज़ार था कि किस पार्टी से उन्हें टिकट मिलेगा लेकिन इस बार कोई भी पार्टी उनमें दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी. इसी बीच कोर्ट का फैसला एक उनके लिए एक राजनीतिक झटका बनकर आ गया. अब देखना होगा कि कल उन्हें कोर्ट क्या सजा देती है.

