मंच से दूरी लेकिन पीछे से मिलेगा विपक्ष का साथ

उत्तर प्रदेशमंच से दूरी लेकिन पीछे से मिलेगा विपक्ष का साथ

Date:


मंच से दूरी लेकिन पीछे से मिलेगा विपक्ष का साथ

लखनऊ में राष्ट्रीय किसान महापंचायत कल
विपक्षी दलों के आनुसंगिक संगठन भी जुटे तैयारी में

ऊषा सिंह

मंच पर किसान नेता और उनके पीछे होंगे विपक्षी दल। संयुक्त किसान मोर्चा की 22 नवंबर को लखनऊ में होने वाली राष्ट्रीय महापंचायत में कुछ ऐसा ही नजारा रहेगा। राजनीतिक दल मंच से दूर रहेंगे लेकिन पर्दे के पीछे से उनका पूरा समर्थन रहेगा। विपक्षी दलों के आनुसंगिक संगठनों के कार्यकर्ता इस महापंचायत में शामिल होंगे। वे समर्थन देने के लिए ईको पार्क पहुंचने की तैयारी में जुटे हैं। 

प्रधानमंत्री ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने  का ऐलान कर दिया है लेकिन किसान अभी आंदोलन वापस लेने को तैयार नहीं हैं। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि एमएसपी की गारंटी सहित सभी मुद्दों  पर सरकार किसानों से  बात करे। उसके बाद ही संयुक्त  मोर्चा आंदोलन वापसी का निर्णय लेगा। लखनऊ में 22 नवंबर  को  राष्ट्रीय किसान महापंचायत पहले  से तय है। इस बारे में यूनियन के प्रदेश  प्रवक्ता हरिनाम वर्मा का कहना है कि प्रदेश भर से किसान इसमें आएंगे। वहीं संयुक्त मोर्चा के नेता देश भर से इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह किसानों का आंदोलन है। किसी राजनीतिक दल को मंच पर  जगह नहीं दी जाएगी। यदि कोई संगठन अपनी इच्छा से समर्थन करता है, तो वह उसका स्वागत है। 

‘वोट की चोट’ का दबाव हुआ कारगर

सपा, कांग्रेस और  कम्युनिस्ट संगठनों के कार्यकर्ता  जुटेंगे
कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर प्रणव कहते हैं कि हम शुरुआत से किसानों के साथ हैं। वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ महापंचायत में जाएंगे। एसएफआई के प्रदेश सचिव विकास भी कहते हैं कि हम अपने कार्यकर्ताओं के साथ महापंचायत में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। सभी कार्यकर्ताओं से ईको गार्डेन पहुंचने के लिए कहा गया है। समाजवादी छात्र सभा के महेंद्र यादव भी कहते हैं कि हमारा पूरा समर्थन किसानों के आंदोलन को है। उधर जनवादी महिला समिति की मधु गर्ग भी कहती हैं कि किसानों के इस आंदोलन में उनके संगठन की भी मौजूदगी रहेगी। 

दो ध्रुवीय होते यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा-सपा के बीच ही होगा असली मुकाबला

सरकार और किसानों के बीच फांस बने गृह राज्य मंत्री
तीन कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान हो चुका है लेकिन किसानों के और भी मुद्दे हैं। इनमें सबसे अहम एमएसपी की गारंटी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को मंत्रिमंडल से हटाए जाने की मांग प्रमुख हैं। ऑल इंडिया किसान सभा के प्रदेश महामंत्री मुकुट सिंह कहते हैं कि अजय मिश्र के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रहते निष्पक्ष जांच मुश्किल है। जिसके बेटे ने किसानों पर  गाड़ी चढ़वाई,उसके पिता के मंत्रिमंडल में रहने से  किसान नाराज हैं। इस महापंचायत का यह प्रमुख मुद्दा है। इसके अलावा एमएसपी की गारंटी खाद की कमी, धान की खरीद गन्ना मूल्य  भुगतान जैसे मुद्दे भी इस मंच से उठाए जाएंगे। 

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related