उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में आज दोपहर 2:30 बजे डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के 6 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 4 यात्रियों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है। गोरखपुर रेलखंड के मोतीगंज बॉर्डर के पास हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए और बचाव अभियान जारी है। रेल मंत्रालय ने हादसे को लेकर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। हादसे के बाद इस रूट से गुजरने वाली 11 ट्रेनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है और दो ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
रेल हादसे का संज्ञान लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद आसपास के सभी जिलों के अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी को अलर्ट मोड पर रखा गया है। एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और बचाव अभियान में जुटी हुई है।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्रेन हादसे को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, 10 साल की जुमला सरकार के बाद भारतीय रेलवे आपातकालीन कक्ष में है। भारत में सभी मार्गों पर तुरंत टक्कर रोधी ढाल लगाई जानी चाहिए। कुल लागत केवल ₹ 63,000 करोड़ है जबकि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की लागत ₹ 1,08,000 करोड़ है।
दूसरी ओर, हादसे के बाद रेलवे अधिकारियों के अलावा पुलिस प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और मेडिकल टीम को भी बुलाया गया है। डिब्बों में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, हादसा दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ। दो बोगियां पूरी तरह से पटरी से उतर गईं।

