यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) यानी समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। उत्तराखंड से मिल रही जानकारी के अनुसार 27 जनवरी से पांच फरवरी के बीच कभी भी इससे जुड़ा विधेयक पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।
अगर यह विधेयक विधानसभा में पारित हो गया जिसकी सम्भावना बहुत अधिक है तो उत्तराखंड यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में भाजपा सरकार बनने पर यूनिफॉर्म सिविल कोडको लागू करने का वादा किया था। सरकार बनने के बाद पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में धामी सरकार ने UCC बिल का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एक समिति का गठन कर अपने किये गए वादे की तरफ कदम बढ़ाया था और जबकि लोकसभा चुनाव बहुत नज़दीक आ गए हैं तो धामी सरकार विशेष सत्र बुलाकर इस बिल को पास कराकर ध्रूवीकरण की राजनीती को तेज़ करना चाहती है.
यूनिफॉर्म सिविल कोड का मतलब ये होगा कि देश या राज्य में हर नागरिक के लिए एक कानून होगा, चाहे उसका धर्म, जाति या लिंग कुछ भी हो। यूनिफॉर्म सिविल कोड में विवाह, तलाक और जमीन-जायदाद के बंटवारे जैसे मामलों में सभी के लिए एक जैसे कानून का प्रावधान होगा। भाजपा के मुताबिक यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने से सामाजिक ताने-बाने को मज़बूती मिलेगी, लैंगिक समानता की स्थिति बेहतर होगी और धार्मिक, सामाजिक असमानताओं को दूर करने में मदद मिलेगी।