- ई-पास न होने पर लौटाये जाने से निराश हैं श्रद्धालु
देहरादून। बाबा केदारनाथ धाम के दर्शनों की कामना मन में लिये श्रद्धालुओं की भीड़ रूद्रप्रयाग में उमड़ रही है। श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक है कि अब 15 अक्टूबर तक की ई-पास बुकिंग फुल हो चुकी है। ऐसे में बिना ई-पास लिये पहुंचे श्रद्धालुओं को वापस लौटाया जा रहा है। हालांकि प्रदेश सरकार भी चाहती है कि अधिक से अधिक तीर्थयात्रियों को केदारनाथ धाम जाने की अनुमति मिले। मगर हाईकोर्ट के निर्णय के आगे वह बेबस है। सरकार अब हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
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गौरतलब है कि कोरोना काल के बाद केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या को सीमित रखते हुए दर्शनों की अनुमति दी गयी है। वर्तमान में प्रतिदिन 800 श्रद्धालुओं को ही केदारनाथ धाम में प्रवेश करने की अनुमति है। लेकिन दर्शनों के लिये श्रद्धालुओं को देवस्थानम बोर्ड द्वारा जारी ई-पास हासिल करना अनिवार्य है। लेकिन बाबा के दर्शनों के लिये उत्साहित श्रद्धालु ई-पास न होने के बावजूद रूद्रप्रयाग तक पहुंच रहे हैं। रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी मनुज गोयल का कहना है कि यदि किसी श्रद्धालु के पास ई-पास नहीं है तो वह केदारनाथ यात्रा के लिये फिलहाल न आये। बिना ई-पास के किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा। रूद्रप्रयाग के एसपी आयुश अग्रवाल के अनुसार अब तक 2500 तीर्थयात्रियों को ई-पास न होने के कारण वापस लौटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि देवस्थानम बोर्ड की वेबसाईट पर भी आने वाली 15 अक्टूबर तक के लिये बुकिंग फुल हो चुकी है।
बद्रीनाथ धाम में भी बुकिंग हो चुकी है फुल
चारधाम यात्रा के लिये जारी गाइडलाइन के अनुसार बद्रीनाथ धाम में प्रतिदिन 1000 श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति दी गयी थी। लेकिन ब्रदीनाथ धाम में दर्शनों के लिये उत्साहित श्रद्धालुओं के कारण एक सप्ताह पहले ही बुकिंग फुल हो चुकी है। वहां भी 15 अक्टूबर के बाद ही ई-पास मिल सकेगा।
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हाईकोर्ट से अनुरोध करेगी उत्तराखंड सरकार
17 सितंबर से शुरू हुई चार धाम यात्रा के लिये जारी गाइडलाइन में श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रखने के आदेश के कारण श्रद्धालुओं को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार भी तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ाने का अनुरोध करने के लिये हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने जा रही है। सरकार को आशा है कि हाईकोर्ट से राहत मिलेगी और अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल हो सकेंगे।

