नई दिल्ली: उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से भारी तबाही मच गयी है। धौली नदी में बाढ़ आने से चमोली से लेकर हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया है। आनन-फानन में रेस्क्यू टीम को रवाना कर दिया गया है। ऋषिकेश गंगा पावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान हुआ है। शुरूआती खबरों के मुताबिक क्षेत्र में एक बिजली परियोजना पर काम कर रहे लगभग 150 मजदूर लापता हैं। इनके बाढ में बहने की आशंका है। फिलहाल रेस्क्यू कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। रेस्क्यू अधिकारियों के मुताबिक तपोवन में दो लाशें मिली है।
9 लाशें बरामद
उत्तराखंड के चमोली जिले के तपोवन इलाके में रविवार को ग्लेशियर फटने से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है। इसे साथ ही एनटीपीसी की एक साइट भी प्रभावित हुई है। आपदा प्रभावित दोनों स्थलों में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। इस बीच, तपोवन एनटीपीसी की साइट में तीन लोगों के शव बरामद हुए हैं। अब तक आठ 9 बरामद किए गए हैं।
अलर्ट पर अमला
पूरे प्रशासनिक अमले को अलर्ट पर रखा गया है। नदी किनारे बसी बस्तियों को पुलिस लाउडस्पीकर से अलर्ट कर रही है और लोगों को हटा रही है। इधर केंद्र लगातार मामले पर नजर बनाए हुए है। गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने राज्य के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात कर पूरी जानकारी ली है।
150 मजदूर लापता
कर्णप्रयाग में अलकनंदा नदी किनारे बसे लोग अपना मकान खाली कर रहे हैं। फंसे लोगों के लिए हेल्प-लाइन नंबर जारी कर दिया गया है। शुरूआती खबरों के मुताबिक क्षेत्र में एक बिजली परियोजना पर काम कर रहे लगभग 150 मजदूर लापता हैं। रेस्क्यू टीम की तरफ से बचाव अभियान जारी है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
सीएम रावत ने ट्वीट करते हुए कहा, “अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070 या 9557444486पर संपर्क करें। कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं। मैं स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूँ।” आगे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विनती करते हुए कहा कि अफवाह न फैलाएं और पुराने वीडियो, फोटो को शेयर न करें। उन्होंने कहा, मेरी सभी से विनती है कि कृपया कोई भी पुराने video share कर panic ना फैलाएँ। स्थिति से निपटने के सभी ज़रूरी कदम उठा लिए गए हैं । आप सभी धैर्य बनाए रखें।

