- स्कूल फेडरेशन के प्रतिनिधि अजीत कुमार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डा. शर्मा से मिलाने और बयान जारी करने को लेकर मामला गरमाया
मेरठ। पब्लिक स्कूलों और अभिभावकों के बीच फीस वसूली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पब्लिक स्कूल संचालकों की उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से मुलाकात कराने पर श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुनील भराला अभिभावकों के निशाने पर आग गए हैं। ऑल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से सुनील भराला को अध्यक्ष पद से बर्खास्त करने और उनके पब्लिक स्कूल का अनापत्ति प्रमाण पत्र वापस लेने की मांग की है।
अभिभावकों की संस्था ऑल पैरेंट्स एसोसिएशन लंबे समय से पब्लिक स्कूलों में फीस बढ़ोतरी के विरोध में दिल्ली-एनसीआर में आंदोलन चला रही है। एसोसिएशन की अध्यक्ष शिवानी जैन और महासचिव सचिन सोनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ईमेल द्वारा ज्ञापन भेजकर कहा है कि आपकी सरकार ने ही अभिभावकों के हित की चिंता करते हुए फीस निर्धारण अधिनियम बनाया है। लॉकडाउन अवधि की फीस माफी का सरकार ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुनील भराला के प्राइवेट स्कूल संचालकों के समर्थन में एक वीडियो के जरिये बयान जारी करने से पूरे प्रदेश के अभिभावक हतोत्साहित हैं।
सुनील भराला स्कूल फेडरेशन के प्रतिनिधि अजीत कुमार को प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंत्री व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से मिलाने ले गए। उनके हवाले से एक बयान भी जारी कर दिया। कहा कि वह अपने पद का दुरुपयोग करके सरकार को भ्रमित कर सरकार व जनता के बीच खाई पैदा कर रहे हैं। जबकि उनके परिवार का खुद का मोदीपुरम के पास अपना पब्लिक स्कूल है जिस कारण निजी स्वार्थ के चलते उन्होंने पहले प्राइवेट स्कूलों के समर्थन में बयान जारी कर प्राइवेट स्कूलों के पक्ष में माहौल बनाया। फिर मेरठ स्कूल फेडरेशन के प्रतिनिधि की मुलाकात उपमुख्यमंत्री से कराकर बयान जारी करवा ऐसा माहौल बनाया जैसे उक्त बयान मेरठ स्कूल फेडरेशन का नहीं बल्कि सरकार का हो। इसके लिये उन्हें अध्यक्ष पद से बर्खास्त किया जाए और उनके स्कूल का अनापत्ति प्रमाण पत्र वापस लेकर स्कूल बेलेंस शीट की जांच कराई जाए।

